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ऋषिकेश में दीवाली पर छाया 'वोकल फॉर लोकल' का रंग, चीनी लाइट्स छोड़ मिट्टी के दीयों की बढ़ी मांग

ऋषिकेश में दीवाली पर छाया 'वोकल फॉर लोकल' का रंग, चीनी लाइट्स छोड़ मिट्टी के दीयों की बढ़ी मांग

ऋषिकेश। (रजनी गोयल) दीपावली का त्योहार करीब आते ही ऋषिकेश के बाजारों में रौनक और जगमगाहट बढ़ गई है। इस बार खरीदारी को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के आह्वान को स्थानीय लोग पूरी तरह चरितार्थ करते नजर आ रहे हैं। बाजारों में इस साल चीनी उत्पादों और आर्टिफिशियल लाइट्स की तुलना में भारत की मिट्टी से बने पारंपरिक दीयों की भारी मांग देखी जा रही है।

लोग विदेशी सामान को दरकिनार कर केवल स्वदेशी और स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए दीयों को खरीदने पर ध्यान दे रहे हैं। खरीदारी करने पहुंचे निवासियों का कहना है कि इस बार दिवाली पर वे अपने देश और मिट्टी की खुशबू से जुड़े उत्पादों को ही प्राथमिकता देंगे।

लोगों का स्पष्ट मानना है कि भारत की मिट्टी से कमाया गया पैसा भारत के ही मेहनती कारीगरों के पास रहे, जिससे हमारे अपने देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।

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