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तीसरे दिन भी बारिश ने थामे रखी जिले की रफ्तार

तीसरे दिन भी बारिश ने थामे रखी जिले की रफ्तार

  • दो दिन की तेज हवा-बारिश से बिजली गुल, पेड़ गिरने से रास्ते बंदय खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद

पायनियर संवाददाता ।  सीतापुर 

जिले में लगातार तीसरे दिन भी मौसम का मिजाज बदला रहा। रविवार को सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। हालांकि पिछले दो दिनों की तरह तेज हवाएं नहीं चलीं, लेकिन लगातार हुई बारिश ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी। दो दिन तक चली तेज हवा और बारिश के चलते जिलेभर में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित रही। कई स्थानों पर पेड़ और डालियां गिरने से राजमार्ग से लेकर ग्रामीण संपर्क मार्ग तक बाधित हुए। पुलिस, वन विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर रास्तों से पेड़ हटाकर आवागमन बहाल करायज्ञं बारिश का सबसे ज्यादा असर खेती पर दिखाई दे रहा है। खेतों में खड़ी फसलों के साथ सब्जियों और केले की खेती को भारी नुकसान हुआ है। कमलापुर क्षेत्र में केले की खेती करने वाले गुप्ता जायसवाल ने बताया कि तेज हवा के कारण उनकी पूरी केले की फसल चैपट हो गई। उनके मुताबिक करीब सात से आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसी क्षेत्र के सब्जी किसान प्रमोद जायसवाल की लौकी, केला और बैंगन समेत अन्य फसलें भी बर्बाद हो गईं। उन्होंने करीब दस से बारह लाख रुपये के नुकसान की बात कही। जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश से कच्चे मकानों और ग्रामीण रास्तों पर भी असर पड़ा है। वहीं विद्युत लाइनों पर पेड़ और डालियां गिरने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। हालांकि रविवार को तेज हवा थमने से राहत कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।

सड़कों पर गिरे पेड़, घंटों थमा आवागमन
दो दिन तक चली तेज हवा ने जिले के कई हिस्सों में सड़कों पर मुसीबत खड़ी कर दी। राजमार्गों से लेकर गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों तक जगह-जगह पेड़ और बड़ी डालियां गिर गईं। इससे कई मार्गों पर आवागमन बाधित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ों को हटवाया। कई जगह विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से आपूर्ति भी प्रभावित हुई। रविवार को हवा थमने से स्थिति में सुधार शुरू हुआ, लेकिन रुक-रुककर बारिश के कारण सड़कों पर कीचड़ और जलभराव की समस्या बनी रही।
खेतों में खड़ी फसलें हुईं धराशायी
बारिश और दो दिन चली तेज हवा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खासकर केले की खेती को भारी नुकसान पहुंचा है। कमलापुर क्षेत्र के किसान गुप्तार जायसवाल की करीब सात से आठ लाख रुपये की केले की फसल बर्बाद होने की बात सामने आई है। वहीं सब्जी किसान प्रमोद जायसवाल की लौकी, केला और बैंगन समेत अन्य फसलें चैपट हो गईं। उन्होंने करीब दस से बारह लाख रुपये के नुकसान का अनुमान बताया। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी सब्जियों, केले और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है।
बारिश बनी आफत, हादसों में नौ लोगों की मौत
लगातार बारिश और तेज हवा के बीच जिले में अलग-अलग हादसों में तीन दिनों के भीतर आठ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब आधा सैकड़ा लोग घायल हुए हैं। कई हादसे पेड़ और जर्जर ढांचों के गिरने तथा बारिश के कारण हुए हादसों से जुड़े बताए जा रहे हैं। मौसम की मार इंसानों तक ही सीमित नहीं रही। जिले में तीन दर्जन से अधिक पशुओं की भी मौत होने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश से ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ी हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

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