सातवें दिन हेलीकॉप्टर से हुआ हवाई सर्वेक्षण
सोनू पायनियर संवाददाता। उत्तरकाशी
दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से लापता युवती बबीता पांडे की तलाश सातवें दिन भी जारी रही, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लगातार असफल हो रही जमीनी खोज के बीच रविवार को पहली बार हेलीकॉप्टर के माध्यम से दयारा बुग्याल और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया गया। लापता युवती की खोज के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार सघन अभियान चला रही हैं। खोज दल दयारा बुग्याल के अलावा आसपास के जंगलों, गहरी खाइयों, गदेरों, चट्टानों के बीच बने उड्यारों, झाड़ियों तथा अन्य संभावित स्थानों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
खोज अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए रविवार को यूकाडा के हेलीकॉप्टर की सहायता ली गई। हेलीकॉप्टर से दयारा ट्रेक मार्ग और आसपास के पूरे क्षेत्र का हवाई निरीक्षण कर संभावित स्थानों की तलाश की गई। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जमीनी स्तर पर तलाशी अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, इसलिए हवाई सर्वेक्षण के जरिए भी महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान की निगरानी पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय स्वयं कर रही हैं। उनके निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार घटना की सूचना मिलने के बाद से ही दयारा ट्रेक क्षेत्र में कैंप किए हुए हैं और पूरे सर्च एवं रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। वे विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि लापता युवती बबीता पांडे की सकुशल बरामदगी प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि लगातार चल रहे सघन खोज अभियान से जल्द ही कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है। फिलहाल दयारा बुग्याल और उससे जुड़े सभी संभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान लगातार जारी है।










