मुख्य सामग्री पर जाएं
हिंदी संस्करण
पायनियर स्वतंत्र · निष्पक्ष · निर्भीक
उत्तर प्रदेश

कमीशन के वायरल वीडियो ने गरमाई महराजगंज की सियासत

महराजगंज। विकास कार्यों में कमीशन को लेकर उठती चर्चाओं के बीच महराजगंज की सियासत में एक कथित वायरल वीडियो ने नई गर्मी पैदा कर दी है। सत्तापक्ष के एक विधायक से जोड़कर प्रसारित किए जा रहे वीडियो को लेकर शहर की चाय…

साझा करें WhatsAppFacebookX
कमीशन के वायरल वीडियो ने गरमाई महराजगंज की सियासत

महराजगंज। विकास कार्यों में कमीशन को लेकर उठती चर्चाओं के बीच महराजगंज की सियासत में एक कथित वायरल वीडियो ने नई गर्मी पैदा कर दी है। सत्तापक्ष के एक विधायक से जोड़कर प्रसारित किए जा रहे वीडियो को लेकर शहर की चाय की दुकानों से लेकर गांवों की चौपालों तक तरह-तरह की चर्चाएं हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि हालांकि अभी नहीं हो सकी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी गूंज साफ सुनाई देने लगी है।सूत्रों के हवाले से संगठन स्तर पर मामले को लेकर मंथन की चर्चाएं हैं। यदि मामला अनुशासनहीनता के दायरे में आता है तो शीर्ष नेतृत्व क्या रुख अपनाता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। खासकर तब, जब मामला विकास कार्यों में कथित कमीशनखोरी जैसे संवेदनशील आरोपों से जुड़ा हो। राजनीति में अक्सर छोटी चिंगारी को हवा देने का काम सोशल मीडिया कर देता है और यहां भी कुछ ऐसा ही होता दिखाई दे रहा है।महराजगंज का मामला इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का संसदीय क्षेत्र है। जिले की राजनीति में लंबे समय से उनकी मजबूत पकड़ की चर्चा होती रही है। जिला पंचायत से लेकर विधानसभा चुनावों तक संगठनात्मक फैसलों में उनकी भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं आम रही हैं।इसी बीच सदर विधायक जयमंगल कनौजिया से जोड़कर वायरल वीडियो को लेकर विपक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष पर भी निशाना साधना शुरू कर दिया है। विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं कि यदि आरोप गंभीर हैं तो जवाबदेही तय करने में देर क्यों? अब देखना यह है कि वायरल वीडियो की राजनीतिक तपिश सिर्फ चाय की दुकानों तक सीमित रहती है या संगठन के दरवाजे तक पहुंचकर कोई बड़ा फैसला भी करवाती है।
विधायक को दिल्ली तलब किए जाने से बढ़ी सियासी हलचल

सूत्रों के अनुसार, एक अहम मामले को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने संबंधित विधायक को तत्काल दिल्ली तलब किया है। बताया जा रहा है कि नेतृत्व मामले की पूरी जानकारी जुटाने के साथ विधायक से सीधे बातचीत कर तथ्यों की पड़ताल कर रहा है। इस घटनाक्रम के बाद जिले की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पार्टी के भीतर भी मामले को लेकर मंथन चल रहा है। राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि शीर्ष नेतृत्व जल्द ही इस संबंध में कोई बड़ा निर्णय ले सकता है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है।

सदर सीट पर नए चेहरे को लेकर चर्चाएं तेज

सदर विधानसभा सीट पर शीर्ष नेतृत्व के संभावित कदम को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मौजूदा घटनाक्रम के बीच अब पार्टी की ओर से नए चेहरे को मौका दिए जाने की चर्चाएं भी जोर पकड़ने लगी हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा सदर विधानसभा सीट के लिए नए नाम पर गंभीरता से विचार कर सकती है। पार्टी नेतृत्व क्षेत्र में संगठनात्मक पकड़, जनाधार और चुनावी समीकरण को ध्यान में रखते हुए संभावित दावेदारों के नामों पर मंथन कर रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। नेतृत्व के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

लेखक की सभी खबरें →