-वरिष्ठ नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से स्थायी समाधान की मांग
कविता। फरीदाबाद
सेक्टर-8 में मौजूद ऐतिहासिक सीही गांव सीवरेज ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या लगातार गंभीर बनी हुई है। गांव की मुख्य सड़कों और लिंक गलियों में सीवरेज का गंदा पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्थिति विशेष रूप से परेशानी का कारण बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, समस्या को लेकर कई स्तरों पर शिकायतें किए जाने के बावजूद अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। सीही गांव के मोरा चौक में सीवरेज ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय के शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत 23 जुलाई 2026 को दर्ज कराई। शिकायत में सीवरेज व्यवस्था की मरम्मत, अवरुद्ध नालियों की सफाई और उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उपलब्ध शिकायत विवरण के अनुसार मामला संबंधित विभाग या अधिकारी के स्तर पर लंबित है। वहीं, नगर निगम अधिकारियों तथा राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक विपुल गोयल के कार्यालय को भी समस्या से अवगत कराने का दावा किया गया है। नागरिकों के मुताबिक नए सीवरेज सिस्टम और आवश्यक धनराशि को लेकर समय-समय पर आश्वासन भी मिले हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थायी समाधान का इंतजार है।
वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को मौके का निरीक्षण कर समस्या के समाधान के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करनी चाहिए। उनका कहना है कि नागरिकों को स्वच्छ सड़कें, सुरक्षित आवागमन, व्यवस्थित सीवरेज और उचित जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है।
नागरिकों ने कहा कि ऐतिहासिक सीही गांव महाकवि संत सूरदास की धरती है और इस गांव ने देश-समाज को अनेक प्रतिभाएं, राष्ट्रसेवक, खिलाड़ी और वीर सैनिक दिए हैं। ऐसे गांव की गलियों में सीवरेज का गंदा पानी जमा होना चिंताजनक है। लायन योगेंद्र सिंह तेवतिया लायंस क्लब फरीदाबाद लेकसिटी ने कहा कि नागरिक किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सम्मानजनक जीवन के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सीही गांव का तत्काल निरीक्षण कर सीवरेज और जल निकासी समस्या का स्थायी एवं समयबद्ध समाधान कराने की मांग की है।