रामगंगा का रौद्र रूप, घरों में घुसा पानी, हजारों बीघा धान डूबी

शाहजहांपुर। रामगंगा में आई बाढ़ से जलालाबाद के मिर्जापुर और अल्लाहगंज कस्बा सहित पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा है। मिर्जापुर कस्बे के गुलड़िया रोड पर सतीश, जलालुद्दीन, रफीक आदि के घरों में पानी भर गया है, वहीं दक्षिण की दलित बस्ती में मोती, रमाकांत, बाबू आदि के घर जलमग्न हैं। ढाई रोड निवासी रामपाल कश्यप के घर में सीलन से दीवारें चटक गई हैं।
मझारा बढ़ऊ के मजरा छपरा का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में बुखार फैला है, डॉक्टर नहीं पहुंच पा रहे, पशुओं के चारे की भी किल्लत है। हजारों बीघा तैयार धान की फसल जलमग्न होकर बर्बाद होने के कगार पर है। दर्जनों गांवों के संपर्क मार्ग टूटने से आवागमन बंद है।
तो वहीं अल्लाहगंज क्षेत्र में मंजा पश्चिमी, बेलखेड़ा भरतोली वजीरपुर बानपुर रत्नापुर आदि गांव में पानी पहुंच गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की शुक्रवार शाम 4 बजे की रिपोर्ट के अनुसार डबरी घाट पर रामगंगा खतरे के निशान से 0.79 मीटर ऊपर बह रही है, जो सुबह 8 बजे से 0.05 मीटर अधिक है। वहीं भैंसार ढाई घाट पर गंगा खतरे के निशान से 0.60 मीटर नीचे है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. आदेश रस्तोगी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य टीम लगातार पहुंच रही है और शनिवार को छपरा में मेडिकल कैंप लगाया जाएगा।



