पूरनपुर मंडी में धान भीगा, खरीद व्यवस्था पर उठे सवाल

खुले आसमान के नीचे अन्नदाता की फसल, बारिश के बाद जेसीबी से सुखाने की जद्दोजहद
पायनियर संवाददाता। पीलीभीत
किसानों की मेहनत खेत से मंडी तक पहुंचते ही बारिश के भरोसे हो गई। पूरनपुर मंडी समिति में खुले में पड़ा किसानों का धान बुधवार रात हुई बारिश में भीग गया। गुरुवार दोपहर किसान भीगे धान को बचाने के लिए खुद ही जुगत लगाते नजर आए। हालात यह रहे कि जेसीबी मशीन की मदद से धान को फैलाकर सुखाने का प्रयास किया गया। मंडी में खुले में पड़ी फसल और खरीद शुरू न होने को लेकर किसानों में नाराजगी है।
अन्नदाता किसान यूनियन के प्रदेश सचिव बलजिंदर सिंह ने कहा कि सामान्य तौर पर धान की सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार 15 अक्टूबर से खरीद शुरू होने की बात कही जा रही है। ऐसे में अभी तक क्रय केंद्र संचालित नहीं हुए हैं। किसानों की फसल मंडी में पड़ी है और मौसम की मार अलग चिंता बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि करीब 30 प्रतिशत किसान धान की कटाई के बाद मजबूरी में उसे ओने-पौने दामों में बेच चुके हैं। वहीं जिन किसानों ने बेहतर कीमत की उम्मीद में धान मंडी में रखा, उनके सामने अब बारिश से फसल खराब होने का खतरा खड़ा हो गया है।
- बारिश ने खोल दी व्यवस्था की पोल
बुधवार रात हुई बारिश के बाद मंडी में खुले में पड़ा धान भीग गया। गुरुवार को किसान खुद ही धान को बचाने और सुखाने में जुटे रहे। जेसीबी से धान फैलाने की तस्वीरें सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आई। किसानों का कहना है कि जब खरीद समय से शुरू नहीं हुई तो कम से कम मंडी में खुले में रखी फसल को सुरक्षित रखने की व्यवस्था तो होनी चाहिए थी। किसानों ने सरकारी धान खरीद जल्द शुरू कराने के साथ मंडी में खुले में रखी फसल को बारिश से बचाने के लिए तत्काल व्यवस्था किए जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि एक तरफ फसल तैयार कराने में महीनों की मेहनत लगी और दूसरी तरफ खरीद के इंतजार में वही फसल मौसम की मार झेल रही है।



