स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे पर तारीख लिखना अनिवार्यकुंभ-2027 से पहले बाईपास निर्माण में तेजी के निर्देश, मेलाधिकारी और आईजी कुंभ ने किया स्थलीय निरीक्षणमलिहाबाद व माल में शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में शांतिपूर्ण मतदानविवाहिता को प्रताड़ित कर हत्या के मामले में पति, सास-ससुर को भेजा जेलकिशोरी के साथ अनैतिक कार्य करने वाले युवक को पुलिस ने भेजा जेलएमएलसी चुनाव में मोहनलालगंज व नगराम में शांतिपूर्ण मतदानबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए महापौर ने मुख्यमंत्री से मांगा विशेष बजटघरौनी से किसानों की डिजिटल पहचान तक, बढ़ा राजस्व सुधारों का दायराडीएम व एसपी ने मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर मतदान का लिया जायजानौवें अंतरराष्ट्रीय महा योग ध्यान कुंभ का हुआ भव्य शुभारंभखुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे पर तारीख लिखना अनिवार्यकुंभ-2027 से पहले बाईपास निर्माण में तेजी के निर्देश, मेलाधिकारी और आईजी कुंभ ने किया स्थलीय निरीक्षणमलिहाबाद व माल में शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में शांतिपूर्ण मतदानविवाहिता को प्रताड़ित कर हत्या के मामले में पति, सास-ससुर को भेजा जेलकिशोरी के साथ अनैतिक कार्य करने वाले युवक को पुलिस ने भेजा जेलएमएलसी चुनाव में मोहनलालगंज व नगराम में शांतिपूर्ण मतदानबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए महापौर ने मुख्यमंत्री से मांगा विशेष बजटघरौनी से किसानों की डिजिटल पहचान तक, बढ़ा राजस्व सुधारों का दायराडीएम व एसपी ने मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर मतदान का लिया जायजानौवें अंतरराष्ट्रीय महा योग ध्यान कुंभ का हुआ भव्य शुभारंभ

पूरनपुर मंडी में धान भीगा, खरीद व्यवस्था पर उठे सवाल

पूरनपुर मंडी में धान भीगा, खरीद व्यवस्था पर उठे सवाल

खुले आसमान के नीचे अन्नदाता की फसल, बारिश के बाद जेसीबी से सुखाने की जद्दोजहद

पायनियर संवाददाता। पीलीभीत

किसानों की मेहनत खेत से मंडी तक पहुंचते ही बारिश के भरोसे हो गई। पूरनपुर मंडी समिति में खुले में पड़ा किसानों का धान बुधवार रात हुई बारिश में भीग गया। गुरुवार दोपहर किसान भीगे धान को बचाने के लिए खुद ही जुगत लगाते नजर आए। हालात यह रहे कि जेसीबी मशीन की मदद से धान को फैलाकर सुखाने का प्रयास किया गया। मंडी में खुले में पड़ी फसल और खरीद शुरू न होने को लेकर किसानों में नाराजगी है।

अन्नदाता किसान यूनियन के प्रदेश सचिव बलजिंदर सिंह ने कहा कि सामान्य तौर पर धान की सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार 15 अक्टूबर से खरीद शुरू होने की बात कही जा रही है। ऐसे में अभी तक क्रय केंद्र संचालित नहीं हुए हैं। किसानों की फसल मंडी में पड़ी है और मौसम की मार अलग चिंता बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि करीब 30 प्रतिशत किसान धान की कटाई के बाद मजबूरी में उसे ओने-पौने दामों में बेच चुके हैं। वहीं जिन किसानों ने बेहतर कीमत की उम्मीद में धान मंडी में रखा, उनके सामने अब बारिश से फसल खराब होने का खतरा खड़ा हो गया है।

  1. बारिश ने खोल दी व्यवस्था की पोल

बुधवार रात हुई बारिश के बाद मंडी में खुले में पड़ा धान भीग गया। गुरुवार को किसान खुद ही धान को बचाने और सुखाने में जुटे रहे। जेसीबी से धान फैलाने की तस्वीरें सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आई। किसानों का कहना है कि जब खरीद समय से शुरू नहीं हुई तो कम से कम मंडी में खुले में रखी फसल को सुरक्षित रखने की व्यवस्था तो होनी चाहिए थी। किसानों ने सरकारी धान खरीद जल्द शुरू कराने के साथ मंडी में खुले में रखी फसल को बारिश से बचाने के लिए तत्काल व्यवस्था किए जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि एक तरफ फसल तैयार कराने में महीनों की मेहनत लगी और दूसरी तरफ खरीद के इंतजार में वही फसल मौसम की मार झेल रही है।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें