Naseeruddin Shah ने खुद को बताया ‘दिमागी नक्सल’, जामिया के छात्रों के समर्थन में सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली: दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर करीब 2 मिनट 10 सेकेंड का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्होंने छात्रों के आंदोलन, शिक्षा संस्थानों की स्थिति और लोकतंत्र को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका यह वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बहस तेज हो सकती है।
‘मैं फक्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं’
नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो की शुरुआत एक ऐसे बैज को दिखाकर की, जिस पर ‘दिमागी नक्सल’ लिखा हुआ है। इसके बाद उन्होंने अपने अंदाज में सरकार पर निशाना साधा। अभिनेता ने कहा कि उन्हें एंटी-नेशनल और टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसे तमाम नाम दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, “मैं फक्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं।” इसके बाद उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि देश को बांटने वाले असली लोग वे हैं, जो सत्ता में बैठे हैं। अपने बयान में उन्होंने सरकार के लिए बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया और उसकी नीतियों पर सवाल उठाए।
नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि वह सरकार से जानना चाहते हैं कि आखिर युवाओं का हौसला तोड़ने और शिक्षा संस्थानों को कमजोर करने के लिए और क्या किया जाएगा। उन्होंने लोकतंत्र को लेकर भी चिंता जताई और सत्ता में बैठे लोगों की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए।
JNU से जामिया तक के विरोध का किया जिक्र
अभिनेता ने अपने वीडियो में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और जामिया मिल्लिया इस्लामिया का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थानों में छात्रों के साथ जो व्यवहार किया जा रहा है, उसे भुलाया नहीं जाएगा।
नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि छात्रों पर की जा रही कार्रवाई को याद रखा जाएगा। उनके मुताबिक, सरकार चाहे जितनी ताकत लगा ले, लेकिन देश के युवाओं का हौसला तोड़ना आसान नहीं होगा। उन्होंने शिक्षा संस्थानों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की।
क्या है जामिया में प्रदर्शन का मामला?
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन में शामिल छात्रों की मांग है कि परिसर में छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू कराए जाएं। इसके अलावा, प्रदर्शनकारी चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाने और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग भी कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने भूख हड़ताल का भी सहारा लिया है। एसएफआई, एनएसयूआई और आइसा जैसे छात्र संगठनों से जुड़े छात्र भी इन मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
युवाओं के हौसले पर कही बड़ी बात
नसीरुद्दीन शाह ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि वह छात्रों के हौसले को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि देश के नौजवानों का मनोबल नहीं टूटने वाला और शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने की कोशिशें भी सफल नहीं होंगी।
अपने वीडियो के अंत में अभिनेता ने विरोध और संघर्ष की भावना को दर्शाते हुए कहा कि चाहे जितनी ताकत लगा ली जाए, युवाओं का हौसला कायम रहेगा। जामिया के प्रदर्शन को लेकर नसीरुद्दीन शाह का यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है।



