लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। बुधवार को नोएडा, गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुई जोरदार बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। लगातार हो रही वर्षा से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। साथ ही 9 जुलाई को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है और आने वाले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है।
इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, झांसी, हमीरपुर, महोबा, सहारनपुर, शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर और बरेली में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा राजधानी लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, गोंडा और सुल्तानपुर में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
पश्चिम और पूर्वी यूपी दोनों प्रभावित
नोएडा, गाजियाबाद, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, कासगंज, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर, बांदा, ललितपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, महाराजगंज, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़, मऊ, गोरखपुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र समेत कई जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।
अगले चार दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 9 और 10 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। इसके बाद 11 और 12 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि इसके बाद वर्षा की तीव्रता में कमी आएगी, लेकिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश से खेती-किसानी को फायदा मिलेगा, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। प्रशासन ने संबंधित जिलों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।










