लंदन।टेनिस की दुनिया में इतिहास रचने वाले नोवाक जोकोविच ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनके लिए उम्र महज एक संख्या है। 39 वर्ष की उम्र में भी उनके जोश, जुनून और शारीरिक फिटनेस में किसी तरह की गिरावट नहीं आई है। इसका एक बेहद रोमांचक और शानदार नजारा विंबलडन के प्रतिष्ठित सेंटर कोर्ट पर देखने को मिला, जहाँ जोकोविच ने पाँच घंटे से भी अधिक समय तक चले एक मैराथन मुकाबले में कनाडा के युवा और आक्रामक खिलाड़ी फेलिक्स ऑगर-एलियासिमे को शिकस्त देकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।
क्वार्टर फाइनल इतिहास का सबसे लंबा मुकाबला
सात बार के विंबलडन चैंपियन जोकोविच ने मंगलवार को ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले गए इस ऐतिहासिक मैच में कनाडा के 25 वर्षीय ऑगर-एलियासिमे को 7-6 (12/10), 3-6, 6-3, 6-7 (4), 7-6 (10/4) से मात दी। यह मैच पूरे पाँच घंटे और 15 मिनट तक चला, जिसने विंबलडन के क्वार्टर फाइनल इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाले मैच का एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। पूरे मैच के दौरान दोनों ही खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और कई उतार-चढ़ाव आए। पाँचवें सेट के अंतिम पलों में जोकोविच ने अपने बेजोड़ अनुभव और मानसिक दृढ़ता का इस्तेमाल करते हुए जीत अपने नाम की।इस मैराथन जीत के बाद भावुक और उत्साहित जोकोविच ने कहा, “ये वो खास पल हैं जिनके लिए मैं आज भी टेनिस खेलता हूँ। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि इस उम्र में भी मैं उन युवा खिलाड़ियों से मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम हूँ जो मुझसे उम्र में 15 साल छोटे हैं। बेहद करीबी और दबाव वाले मुकाबलों में उन्हें हराना मुझे एक अलग संतुष्टि देता है।

फेडरर का रिकॉर्ड ध्वस्त, मेस्सी से तुलना
अपने करियर के 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में जुटे जोकोविच हर कदम पर रिकॉर्ड की नई इबारत लिख रहे हैं। वह विंबलडन के इतिहास में लगातार आठवीं बार सेमीफाइनल में पहुँचे हैं। घास के कोर्ट (ग्रास कोर्ट) पर खेले जाने वाले इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट में लगातार सबसे अधिक पुरुष एकल सेमीफाइनल में पहुँचने के मामले में उन्होंने स्विट्जरलैंड के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर को भी पीछे छोड़ दिया है। मैच के बाद जब जोकोविच से अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी से उनकी तुलना के बारे में पूछा गया, जो खुद 39 वर्ष की उम्र में खेल के शीर्ष स्तर पर बने हुए हैं, तो जोकोविच ने मुस्कुराते हुए कहा, “लियोनेल मेस्सी अद्भुत हैं, मैदान पर उनके जैसा 90 मिनट तक लगातार दौड़ना और खेलना वाकई बेहतरीन अनुभव होगा।
सेमीफाइनल में यानिक सिनर से महामुकाबला
इस जीत के साथ ही जोकोविच ने सेमीफाइनल में मौजूदा चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर के खिलाफ एक हाई-वोल्टेज मुकाबले की नींव रख दी है। इससे पहले खेले गए दूसरे क्वार्टर फाइनल मैच में इटली के यानिक सिनर ने जर्मनी के जान-लेनार्ड स्ट्रफ को सीधे सेटों में 7-5, 7-6 (4), 6-3 से हराकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की थी।पिछले साल के विंबलडन सेमीफाइनल में सिनर ने जोकोविच को सीधे सेटों में हराकर बाहर का रास्ता दिखाया था। हालांकि, इस साल की शुरुआत में हुए ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में जोकोविच ने शानदार वापसी करते हुए सिनर को पाँच सेटों के कड़े मुकाबले में मात दी थी। ऐसे में इस बार का सेमीफाइनल मुकाबला दोनों खिलाड़ियों के बीच एक बड़ी जंग के रूप में देखा जा रहा है।
महिला सिंगल्स: कोको गॉफ और मुचोवा भी सेमीफाइनल में
दूसरी ओर, महिला एकल (वीमेंस सिंगल्स) मुक़ाबलों में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला। अमेरिका की कोको गॉफ ने अपनी हमवतन जेसिका पेगुला को तीन सेटों के संघर्षपूर्ण मैच में 4-6, 6-3, 6-3 से हराकर पहली बार विंबलडन के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। फाइनल के टिकट के लिए अब गॉफ का सामना चेक गणराज्य की 10वीं वरीयता प्राप्त कैरोलिना मुचोवा से होगा। मुचोवा ने पूर्व वर्ल्ड नंबर वन नाओमी ओसाका को सीधे सेटों में 7-6 (4), 6-4 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल का सफर तय किया है। टेनिस फैंस को अब विंबलडन 2026 के अंतिम दौर में बेहद रोमांचक मैचों की उम्मीद है।









