मौसम ने बढ़ाई चिंता,जलवायु परिवर्तन का असर?

सहारनपुर। रविवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। देखते ही देखते आसमान पर काले बादल छा गए और तेज आंधी चलने लगी। कई इलाकों में दिन में ही अंधेरा हो गया। इसके बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस बदले मौसम से अधिकतम तापमान में करीब 4 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और लोगों को राहत मिली, लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
महानगर के विभिन्न वार्डों में हुई अचानक बारिश से जल जमाव की गंभीर समस्या देखने को मिली। कोर्ट रोड, घंटाघर, बेहट रोड, गिल कॉलोनी, राधा विहार और आवास विकास सहित कई निचले इलाकों में पानी भर गया। तेज बारिश और हवाओं के बीच सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं। कई जगह पेड़ और टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे यातायात बाधित हुआ। तेज हवाओं के कारण कई मोहल्लों में विद्युत आपूर्ति घंटों बाधित रही, जिससे लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह घटना केवल मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन का संकेत है। अक्टूबर माह में इस तरह की तेज आंधी-बारिश सामान्य नहीं मानी जाती। ग्लोबल वार्मिंग के कारण वातावरण में नमी और ऊर्जा बढ़ रही है, जिससे अचानक तेज बारिश, आंधी और तापमान में उतार-चढ़ाव की घटनाएं बढ़ी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंधाधुंध शहरीकरण, पेड़ों की कटाई और बढ़ते प्रदूषण ने जलवायु संतुलन बिगाड़ा है। समय रहते जल संरक्षण, वृक्षारोपण और कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो ऐसी चरम मौसमी घटनाएं और बढ़ेंगी। प्रशासन को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ दीर्घकालीन जलवायु योजना पर काम करने की जरूरत है।



