लेखपाल करेंगे 17 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन

मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा, बहिष्कार की दी चेतावनी
सहारनपुर। लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील सदर के पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर शीघ्र निर्णय की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 17 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन के बाद पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जायेगा।
संघ ने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी होने के बावजूद अत्यधिक कार्यभार, संसाधनों की कमी और वेतन विसंगतियों से जूझ रहे हैं। ज्ञापन में 2800 ग्रेड पे लेवल-5, अन्तर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलने, लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और नव नियुक्त लेखपालों के स्थायीकरण की मांग की गई।
16 वर्षों से लंबित भत्तों में वृद्धि करते हुए स्टेशनरी भत्ता 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी गई। पटल सहायक व प्रभारी राजस्व निरीक्षक पदों पर सम्बद्ध लेखपालों को मूल कार्य पर वापस भेजने और बिना सुविधाओं वाले ग्राम सचिवालयों में रोस्टर व्यवस्था स्थगित करने की भी मांग की गई। बढ़ते ऑनलाइन कार्य को देखते हुए लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप, मोबाइल सहित तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।
इस दौरान तहसील अध्यक्ष अंकुर चौधरी, मंत्री सचिन चौहान, रजनीश चौहान, नीरज पुंडीर, चैन सिंह, हेमंत वशिष्ठ, रब्बानी राव, अश्वनी, शबनम चौधरी, ऋचा शर्मा, राखी वर्मा मौजूद रहे।



