जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर आयुक्त सख्त, 20 प्रतिशत से अधिक असंतुष्ट फीडबैक पर होगी कार्रवाई
उ0प्र0 जल निगम-ग्रामीण एवं कृषि विभाग के असंतुष्ट फीडबैक की विशेष समीक्षा, शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश

पायनियर संवाददाता। बाँदा
आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा अजीत कुमार द्वारा आज ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के उपरान्त प्राप्त असंतुष्ट फीडबैक की संबंधित मण्डलीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान विशेष रूप से उ0प्र0 जल निगम-ग्रामीण एवं कृषि विभाग में असंतुष्ट फीडबैक की अधिक संख्या* परिलक्षित होने पर आयुक्त महोदय ने गहरी नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल शासन की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य आमजन की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण दर्ज कर देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान होना तथा शिकायतकर्ता का संतुष्ट होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अतः सभी अधिकारी शिकायतों का निस्तारण करते समय प्रकरण के तथ्यों की गंभीरता से जांच करें तथा आवश्यकतानुसार स्थलीय सत्यापन कराकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान आयुक्त महोदय ने इस बात पर **कड़ा रोष व्यक्त किया कि आयुक्त स्तर से मण्डलीय बैठकों एवं अन्य विभिन्न माध्यमों से लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित विभागों के असंतुष्ट फीडबैक में अपेक्षित सुधार परिलक्षित नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी यदि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता है, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।
आयुक्त महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी माह में जिन मण्डलीय अधिकारियों के अधीन निस्तारित शिकायतों के सापेक्ष 20 प्रतिशत से अधिक असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त होगा, उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि अथवा अन्य आवश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, औपचारिकता अथवा शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान किए बिना प्रकरण निस्तारित दिखाने की प्रवृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक विभाग अपने यहां प्राप्त शिकायतों एवं असंतुष्ट फीडबैक की नियमित समीक्षा करे। जिन शिकायतों में शिकायतकर्ता असंतुष्ट है, उनके कारणों का विश्लेषण कर संबंधित अधिकारी द्वारा पुनः परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकतानुसार शिकायतकर्ता से संपर्क कर वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायत के निस्तारण की आख्या तथ्यपरक, स्पष्ट एवं कार्यवाही के साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए।
आयुक्त ने विशेष रूप से उ0प्र0 जल निगम-ग्रामीण एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे असंतुष्ट फीडबैक के कारणों की विभागवार एवं प्रकरणवार समीक्षा करते हुए प्रभावी सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करें। लंबित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए तथा शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों की नियमित निगरानी की जाए।
आयुक्त ने सभी मण्डलीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उसकी समस्या का समाधान निर्धारित समयसीमा में हो। प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि निस्तारण की प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं जनहित के अनुरूप हो।
अन्त में आयुक्त महोदय ने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों का संतुष्टिपरक निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगामी माह में असंतुष्ट फीडबैक की स्थिति की पुनः समीक्षा की जाएगी तथा निर्धारित मानक से अधिक असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।



