सहारनपुर/गंगोह। हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200वें वर्ष के अवसर पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन गंगोह इकाई द्वारा कस्बा गंगोह स्थित कृष्ण इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन कॉलेज में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में क्षेत्रीय विधायक चौधरी कीरत सिंह, फोर टीवी के सीईओ वाहिद नसीम तथा ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक चौधरी कीरत सिंह ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता आज लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकार समाज की वास्तविक समस्याओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाते हैं तथा उनकी लेखनी समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनती है।
विधायक ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी निष्पक्ष रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने पत्रकारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे अंतर्जनपदीय टोल प्लाजा पर पत्रकारों को राहत दिलाने के लिए प्रयास करेंगे। साथ ही पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू कराने के संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा करने का भी आश्वासन दिया।
उन्होंने ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की सराहना करते हुए कहा कि संगठन पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने का कार्य कर रहा है। पत्रकार समाज का आईना होते हैं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने कहा कि पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज के हित में कार्य करते हैं और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
जिला महामंत्री नवाजिश खान ने संगठन की मजबूती पर बल देते हुए कहा कि ग्रामीण पत्रकारों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पत्रकारों से एकजुट रहने और निष्पक्ष पत्रकारिता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
फोर टीवी के सीईओ वाहिद नसीम ने अपने संबोधन में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में पत्रकारिता के सामने नई चुनौतियां हैं, लेकिन इसके साथ ही नई संभावनाएं भी मौजूद हैं। पत्रकारों को तकनीक के साथ तालमेल बैठाकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण हासियान, चौधरी विजेंद्र प्रमुख, मास्टर सलाउद्दीन और शराफत मिर्जा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार बिना किसी बड़े संसाधन के भी समाज की आवाज को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। इसलिए शासन और प्रशासन को उनकी सुरक्षा, सुविधाओं और अधिकारों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों डॉ. दानिश खान, सिकंदर अली, अमन खान, नीटू भारद्वाज, मनोज शर्मा और इमरान मिर्जा ने कहा कि पत्रकारिता एक मिशन है, न कि केवल पेशा। उन्होंने पत्रकारों को डराने-धमकाने की घटनाओं की निंदा करते हुए पत्रकार एकता को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संगठन महामंत्री वेद प्रकाश पांडेय, जितेंद्र मेहरा, संजय शर्मा, नितिन, आस मोहम्मद, विशाल चौधरी, अमित बब्बर, शशांक गोयल, राकेश गर्ग, शाहिद, काजी नोमान मसूद, जितेंद्र जागलान, राकेश आर्या, देशराज, दानिश सभासद, सय्यद सलमान, रईस अंसारी, डॉक्टर राकेश सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन पत्रकार एकता, निष्पक्ष पत्रकारिता और समाजहित में निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करने और निर्भीक होकर सत्य को सामने लाने का संकल्प दोहराया।
वेद पांडे-सहारनपुर










