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एफआईआर दर्ज, फिर भी अस्पताल पर कार्रवाई नहीं… डीएम दफ्तर के बाहर फूटा परिजनों का गुस्सा, आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप

पीलीभीत।निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के मामले में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर अब सवाल उठने लगे हैं। डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अस्पताल को सील न किए जाने से आक्रोशित मृतका के परिजनों ने सोमवार…

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एफआईआर दर्ज, फिर भी अस्पताल पर कार्रवाई नहीं… डीएम दफ्तर के बाहर फूटा परिजनों का गुस्सा, आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप

पीलीभीत।निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के मामले में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर अब सवाल उठने लगे हैं। डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अस्पताल को सील न किए जाने से आक्रोशित मृतका के परिजनों ने सोमवार को डीएम कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया। स्थिति उस समय बेहद गंभीर हो गई, जब डीएम और सीएमओ के सामने ही कुछ परिजन आत्मदाह के लिए पेट्रोल लेकर दौड़ पड़े। पुलिस ने किसी तरह उनके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हंगामा बढ़ने पर तीन थानों का पुलिस बल मौके पर बुलाना पड़ा। खबर लिखे जाने तक परिजन डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे और अस्पताल सील होने तक धरना जारी रखने की बात कह रहे थे।

सुनगढ़ी थाना क्षेत्र की महाराणा रणजीत सिंह कॉलोनी निवासी पूनम उर्फ पदमा अवस्थी (53) का गांधी स्टेडियम रोड स्थित धनवंतरी अस्पताल में दाहिने हाथ के फैक्चर का ऑपरेशन कराया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान दवा की ओवरडोज और गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही के चलते उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में हंगामा हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद भी परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया था।


मृतका के पुत्र अनुराग अवस्थी की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. अक्षय पांडेय और डॉ. उपेंद्र नाथ मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद परिजनों को उम्मीद थी कि प्रशासन अस्पताल के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा, लेकिन अस्पताल का संचालन जारी रहने से उनका आक्रोश बढ़ता गया।

गुरुवार को अनुराग अवस्थी ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से मुलाकात कर अस्पताल को सील करने और मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की थी। परिजनों का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अस्पताल में गतिविधियां जारी हैं, जिससे साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है।

अस्पताल सील करने की मांग पर धरना

सोमवार को इसी मांग को लेकर परिजन डीएम कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए। डीएम और सीएमओ के समझाने के दौरान परिजनों से तीखी नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते माहौल इतना बिगड़ गया कि कुछ परिजन आत्मदाह के लिए पेट्रोल लेकर दौड़ पड़े। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने दौड़कर पेट्रोल की बोतल छीन ली। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हालात बिगड़ते देख तीन थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा।

एफआईआर के बाद भी अस्पताल सील होने का इंतजार

परिजनों का कहना है कि महिला की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद संबंधित निजी अस्पताल के खिलाफ अब तक सील करने की कार्रवाई नहीं की गई है। उनका आरोप है कि अस्पताल खुला रहने से मामले से जुड़े साक्ष्यों के प्रभावित होने की आशंका है। परिजनों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग अस्पताल को तत्काल सील करना और मामले की निष्पक्ष जांच कराना है। उनका कहना है कि जब तक अस्पताल को सील नहीं किया जाता, धरना जारी रहेगा।

मामले ने अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ मृतका का परिवार अस्पताल सील करने की मांग को लेकर डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठा है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का इंतजार बना हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद अस्पताल पर कार्रवाई कब होगी और पीड़ित परिवार को कब तक धरने पर बैठना पड़ेगा।पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ मुर्दाबाद, जिला प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा परिसर

डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे मृतका के परिजनों और समर्थकों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित लोगों ने सीएमओ मुर्दाबाद’ और जिला प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए अस्पताल को तत्काल सील करने की मांग उठाई। परिजनों का कहना था कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अस्पताल का संचालन जारी है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर होती नजर आ रही है। नारेबाजी और हंगामे के बीच पुलिस ने स्थिति संभालने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अस्पताल सील होने तक धरना जारी रखने पर अड़े रहे।

रिपोर्ट-अदनान खान

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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