एशियन गेम में सहारनपुर का नाम रोशन किया प्राची ने

देवबंद के झबीरन गांव की बेटी प्राची चौधरी ने कांस्य जीतकर सभी को चौंकाया
सहारनपुर। एशियन गेम में 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर देवबंद विकास खंड के झबीरन गांव की बेटी प्राची चौधरी ने जनपद का नाम रोशन कर दिया है। प्राची की इस उपलब्धि पर पूरे जनपद में हर्ष का माहौल है, गांव में ढोल-नगाड़े बज रहे हैं।
झबीरन गांव निवासी जयवीर सिंह की बेटी प्राची चौधरी बचपन से ही चंचल और अपनी लगन के प्रति सचेत रहने वाली थी। परिजनों ने बताया कि स्कूल के दिनों से ही वह दौड़ में सबसे आगे रहती थी। खेतों की पगडंडियों पर दौड़ते-दौड़ते उसने एशिया तक का सफर तय कर लिया।
साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्राची ने सीमित संसाधनों में कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। पिता जयवीर सिंह ने बताया कि बेटी ने कभी हार नहीं मानी। सुबह-शाम अभ्यास, अनुशासित जीवन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उसकी सफलता का मंत्र है।
एशियन गेम में 400 मीटर की फाइनल रेस में प्राची ने अंतिम 100 मीटर में जबरदस्त वापसी करते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। उसकी इस जीत ने देश के साथ-साथ सहारनपुर का मान बढ़ाया है।
गांव के प्रधान से लेकर जिला प्रशासन तक ने प्राची को बधाई दी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्राची ने बेटियों के लिए प्रेरणा का नया अध्याय लिखा है। झबीरन की गलियां आज एक ही नारा लगा रही हैं - प्राची ने देश का मान बढ़ाया है। जल्द ही गांव में भव्य स्वागत की तैयारी चल रही है।
धाविका प्राची चौधरी का गोल्डन सफर!
सहारनपुर। झबीरन गांव की बेटी प्राची चौधरी ने अपने दमदार प्रदर्शन से एथलेटिक्स में जनपद का नाम रोशन किया है।
जयवीर सिंह की बेटी प्राची ने 2017 में राष्ट्रीय स्तर की दौड़ में भाग लेकर करियर की शुरुआत की। 2018 में नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। 2019 में दोहा में हुई एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल कर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। 2023 में एशियन गेम्स की रिले में रजत पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।
2026 में राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता और इसके बाद भुवनेश्वर में आयोजित प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। अब 400 मीटर में कांस्य जीतकर प्राची ने साबित कर दिया कि लगन और मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।



