एशियाई पैरा खेल: कोकिला ने फाइनल में बनाई जगह, भारत का पदक पक्का
सेमीफाइनल में चीन की खिलाड़ी को हराया, स्वर्ण पदक के लिए किर्गिस्तान की प्रतिद्वंद्वी से होगा मुकाबला

नागोया।भारतीय दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ी कोकिला ने सोमवार को एशियाई पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला जे2 श्रेणी के 52 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जगह बना ली। उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की यी लियू को हराकर भारत के लिए जूडो में पदक सुनिश्चित किया।
पिछले एशियाई पैरा खेलों में 48 किलोग्राम से कम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली कोकिला ने चीन की खिलाड़ी के खिलाफ मुकाबले में बेहतर तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने एक वाजा-अरी और एक युको अंक हासिल किया, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी केवल एक वाजा-अरी ही दर्ज कर सकीं।अब फाइनल में कोकिला का सामना किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक किजी से होगा। हरियाणा के जींद जिले के कसुन गांव की रहने वाली कोकिला 2024 के पैरालंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उनकी नजर अब स्वर्ण पदक जीतने पर होगी।
कपिल परमार कांस्य पदक की दौड़ में
पुरुषों की स्पर्धा में भारतीय जूडो खिलाड़ी कपिल परमार जे1 श्रेणी के 70 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगे। सेमीफाइनल में उन्हें इंडोनेशिया के जुनैदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा।जे2 श्रेणी में अलग-अलग स्तर की दृष्टिहीनता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जबकि जे1 श्रेणी में पूर्ण अंधापन से लेकर बहुत कम प्रकाश का बोध होने तक की स्थिति वाले खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं।कोकिला के फाइनल में पहुंचने से भारतीय दल को जूडो में पदक की उम्मीद मिली है। अब सभी की निगाहें उनके खिताबी मुकाबले और कपिल परमार के कांस्य पदक के मैच पर टिकी हैं।



