मोहाना नदी ने आगोश में लिए तीन घर, कटान से दहशत में ग्रामीण - रातों की नींद उड़ी

- गिरिजा बैराज से घटा जलस्तर तो मोहाना ने दिखाया रौद्र रूप - दो दिन में तीन घर नदी में समाए, महिलाएं बोलीं पंचायत में दो जमीन
- मोहाना का कहर - देखते ही देखते नदी में समा गए राजकुमार, जीवन और दिनेश के आशियाने, लेखपाल ने भेजी रिपोर्ट
- नदी के तेज कटान से दो दिन में तीन आशियाने जल में समाए, लेखपाल ने भेजी रिपोर्ट
पायनियर संवाददाता । तिकुनियां-खीरी
तहसील क्षेत्र में मोहाना नदी कहर बनकर टूट रही है। महज दो दिन के अंदर नदी के तेज कटान ने तीन गरीबों के आशियाने को अपने आगोश में ले लिया है। कटान का मंजर देख ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, लोगों की रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। लेखपाल ने कटे हुए घरों का ब्यौरा तहसील प्रशासन को भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि गिरिजा बैराज पर क्लोजर की कार्रवाई चल रही है, जिसके चलते मोहाना नदी का जलस्तर घटा हुआ है। जलस्तर घटते ही नदी ने किनारों पर तेज कटान शुरू कर दिया है। मंगलवार को दिन में राजकुमार का घर नदी में समा गया, वहीं रात में जीवन का मकान भी कटान की भेंट चढ़ गया। बुधवार को दिनेश का घर भी मोहाना नदी ने निगल लिया।
लगातार हो रहे कटान से भयभीत ग्रामीण अब खुद ही अपने कच्चे-पक्के मकानों को तोड़कर ईंट, लकड़ी और घरेलू सामान बचाने में जुटे हैं। लोग जो भी सामान बचा पा रहे हैं, उसे रिश्तेदारों के यहां या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
कटान पीड़ित महिलाओं जमुना देवी, रामकुमारी, रीमा, छोटी, फूलमती, रूपा, सुशीला आदि ने बताया कि नदी की वजह से हम लोगों की रात की नींद गायब है। दिन-रात नजरें नदी पर लगी रहती हैं, पता नहीं कब किसका घर नदी में समा जाए। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें पंचायत में अन्य स्थान पर रहने के लिए जमीन दी जाए, ताकि नदी के डर से छुटकारा मिल सके और वे निडर होकर जीवन यापन कर सकें।



