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राजस्व वृद्धि के लिए एआई आधारित जांच पर जोर, 4-5 माह में तैयार होगा मैकेनिज्म

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अधिकारियों को दिए निर्देश कर विभागों के डाटा इंटीग्रेशन और डिजिटल व्यवस्था पर भी जोर पायनियर समाचार सेवा। देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में राजस्व वृद्धि को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की।…

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राजस्व वृद्धि के लिए एआई आधारित जांच पर जोर, 4-5 माह में तैयार होगा मैकेनिज्म
डाटा इंटीग्रेशन और डिजिटल व्यवस्था

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अधिकारियों को दिए निर्देश कर विभागों के डाटा इंटीग्रेशन और डिजिटल व्यवस्था पर भी जोर

पायनियर समाचार सेवा। देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में राजस्व वृद्धि को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभिन्न विभागों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अर्जित राजस्व की समीक्षा करते हुए आय बढ़ाने के लिए नए प्रयास और नवाचार अपनाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने एसजीएसटी विभाग को कर चोरी रोकने के लिए ए आई आधारित जांच व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले चार से पांच माह में ए आई आधारित प्रभावी मैकेनिज्म तैयार किया जाए। साथ ही कर संबंधी सभी विभागों के डाटा का इंटीग्रेशन किए जाने पर जोर दिया, ताकि टैक्स चोरी और राजस्व से जुड़े मामलों की प्रभावी निगरानी की जा सके।

उन्होंने परिवहन विभाग में लगे एएनडीआर कैमरों के प्रभावी उपयोग के साथ ही सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित रिकॉर्ड और रखरखाव कार्यों के डिजिटाइजेशन के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने वन क्षेत्रों के साथ-साथ गैर वन क्षेत्रों में भी नए खनन लॉट चिन्हित करने को कहा। इसके लिए जिला प्रशासन का सहयोग लेने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि वन निगम जिन खनन और टिम्बर लॉट्स पर कार्य नहीं कर पा रहा है, उन पर वन विभाग अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने प्रदेश में जड़ी-बूटी के क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं का उल्लेख करते हुए जड़ी-बूटियों से संभावित आय का अध्ययन किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व के नए स्रोतों के रूप में कार्बन क्रेडिट और नए इको टूरिज्म स्थलों के विकास को भी शामिल करने को कहा। मुख्य सचिव ने जनसामान्य को टिम्बर की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आॅनलाइन व्यवस्था विकसित किए जाने पर जोर दिया। इसके लिए आई टी डी ए से तकनीकी सहायता लेने हेतु आवश्यक समन्वय करने के निर्देश भी दिए।