एलपीजी उपभोक्ताओं की समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं-जिलाधिकारी

पायनियर । सोनभद्र
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एलपीजी उपभोक्ताओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में एलपीजी गैस कनेक्शनों के ई-केवाईसी सत्यापन,आईजीआरएस जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना तथा जीरो पॉवर्टी 2.0 अभियान के अंतर्गत पात्र एवं वंचित परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे। शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि को ही निस्तारण का प्रमुख आधार बनाया जाय, किसी गैस एजेंसी के विरुद्ध लगातार शिकायतें प्राप्त होने अथवा शिकायतों की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर एनओसी निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी, बैठक में जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को जनपद में प्रचलित एलपीजी कनेक्शनों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सत्यापन शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी की प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया जाए, जिससे पात्र उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।तेल कंपनियों के विक्रय प्रबंधकों द्वारा अवगत कराया गया कि 01 अक्टूबर 2026 से ऐसे घरेलू एलपीजी ग्राहकों की रिफिल बुकिंग रोक दी जाएगी, जिनका बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूर्ण नहीं हुआ है। उज्ज्वला योजना के लंबित ई-केवाईसी वाले लाभार्थियों को सामान्य रिफिल बुकिंग सुविधा प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी पूर्ण करना आवश्यक होगा।



