धनाराघाट पर शारदा का रौद्र रूप, आठ एकड़ ज़मीन नदी में समाई

एक किमी क्षेत्र में तेजी से कटान, निर्माणाधीन पुल के गार्डरों पर भी मंडराया खतरा, चंदिया हजारा-राहुलनगर के ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
पायनियर संवाददाता। पीलीभीत
जलस्तर घटते ही शारदा नदी ने धनाराघाट पर एक बार फिर कटान का रुख तेज कर दिया है। शुक्रवार रात से शुरू हुआ कटान शनिवार तक करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में फैल गया। देखते ही देखते करीब आठ एकड़ जमीन नदी की धारा में समा गई। कटान का रुख निर्माणाधीन सेतु के पास रखे गार्डरों की ओर बढ़ने से सेतु निगम के कर्मचारियों में भी खलबली मच गई। गार्डरों को नदी में समाने से बचाने के लिए कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से नदी किनारे पेड़ों की टहनियां, झाड़ियां और घास-फूस डालकर कटान रोकने का प्रयास शुरू कर दिया।
धनाराघाट पर शारदा की तेज धार लगातार किनारे को काट रही है। कटान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए हैं। नदी की धारा जिस तरह तेजी से आगे बढ़ रही है, उससे उसके रुख बदलने की आशंका जताई जा रही है। यदि नदी ने दिशा बदली तो चंदिया हजारा और राहुलनगर के आसपास खतरा बढ़ सकता है। इसे लेकर दोनों गांवों के लोगों में चिंता बढ़ गई है।
धनाराघाट पर निर्माणाधीन सेतु का कार्य चल रहा है और मौके पर सेतु के गार्डर समेत अन्य निर्माण सामग्री रखी हुई है। कटान का दायरा इनकी ओर बढ़ने पर नुकसान की आशंका को देखते हुए सेतु निगम के कर्मचारी मौके पर जुटे हुए हैं। जेसीबी से नदी किनारे टहनियां और झाड़ियां डालकर अस्थायी रूप से कटान की गति रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
बाढ़ खंड के जेई विनय नायक ने भी मौके पर पहुंचकर कटान की स्थिति का जायजा लिया। हालांकि जंगल क्षेत्र में तेजी से हो रहे कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से रविवार शाम तक कोई ठोस बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया था। चंदिया हजारा के प्रशासक वासुदेव कुंडू ने बताया कि नदी के लगातार कटान से धारा बदलने की आशंका बनी हुई है। इसकी जानकारी बाढ़ खंड के अधिकारियों को मोबाइल के माध्यम से दे दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं हुआ तो नदी का रुख गांवों की ओर बढ़ सकता है।




