डीएम का विकास भवन में निरीक्षण, पांच अधिकारी मिले अनुपस्थित
डीएम ने जताई नाराजगी स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश, समय से कार्यालय पहुंचने और लंबित पत्रावलियों के निस्तारण पर जोर

पीलीभीत। शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी आलोक कुमार ने गुरुवार सुबह विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब 10 बजकर पांच मिनट पर पहुंचे जिलाधिकारी के निरीक्षण से कार्यालयों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायतराज अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यालयों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित पत्रावलियों को चिह्नित कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
डीएम आलोक कुमार ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी कार्यदिवस में 10 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहें। दूर-दराज क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले फरियादियों को अधिकारियों के इंतजार में परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासकीय कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता से जुड़े मामलों और शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों को गंभीरता से लेते हुए उनका समय से निस्तारण किया जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।



