पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। बरसात के मौसम में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) माल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावित मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में चार बेड का विशेष डेंगू वार्ड तैयार किया गया है। वार्ड में सभी बेडों पर मच्छरदानियां लगाई गई हैं, ताकि भर्ती मरीजों को मच्छरों से सुरक्षित रखा जा सके और संक्रमण के प्रसार पर भी नियंत्रण रखा जा सके। अधीक्षक डॉ जेपी सिंह के अनुसार डेंगू के लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था की गई है, जिससे सामान्य मरीजों और डेंगू संदिग्ध मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की नियमित निगरानी की जाएगी तथा आवश्यक दवाएं और प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। अधीक्षक का कहना है कि बरसात के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में माल सीएचसी पहले से ही तैयार है। डेंगू वार्ड में बेड, साफ-सफाई, मच्छरदानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त बेड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। डॉ जेपी सिंह ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं।
समय पर इलाज मिलने से डेंगू से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है। साथ ही अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर, गमले, टायर व अन्य पात्रों की नियमित सफाई करने तथा पूरी बांह के कपड़े पहनने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की भी अपील की है। विभाग का मानना है कि जनजागरूकता और समय पर उपचार से डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।










