पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। थाना पीजीआई क्षेत्र स्थित शनि मंदिर चौराहे के पास मंगलवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक पास स्थित मां कैलाश भोजनालय में मजदूरी करता था। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार थाना पीजीआई क्षेत्र तेलीबाग शनिदेव चौराहे पर मंगलवार तड़के सुबह हुई हल्की बारिश के बीच तेलीबाग चौराहे पर एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
करंट की चपेट में आने से एक मजदूर युवक की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए पुलिस और बिजली विभाग को सूचना दी तथा युवक को पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसा बिजली के खंभे से हुआ या पास में रखी गुमटी के बिजली कनेक्शन से, इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मिली जानकारी के मुताबिक बहराइच जनपद के लवलिया टिकरिया निवासी दिलीप कुमार पुत्र बरसाती लाल लखनऊ की वृंदावन योजना में रहकर तेलीबाग चौराहे पर मॉ कैलाश भोजनालय में काम करता था।
मंगलवार सुबह वह रोज की तरह अपने काम पर जा रहा था। इसी दौरान रिमझिम बारिश के बीच तेलीबाग चौराहे के पास अचानक करंट की चपेट में आ गया। तेज झटका लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत पुलिस, बिजली विभाग और एम्बुलेंस को सूचना दी। लोगों की मदद से युवक को पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पीजीआई पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए परिजनों को सूचना दे दी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब पांच बजे बारिश के दौरान बिजली के पोल के पास रखी एक टीन शेड (गुमटी) में करंट उतर आया। बताया जा रहा है कि भोजनालय में कार्यरत 18 वर्षीय दिलीप जैसे ही गुमटी के संपर्क में आया, वह करंट की चपेट में आ गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके आलावा स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर टीन शेड की कई दुकानें संचालित हैं, वहां बिजली आपूर्ति की व्यवस्था नियमों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि इन दुकानों के अलावा कुछ फर्नीचर इकाइयों और एक चार्जिंग स्टेशन को भी बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिसकी वैधता की जांच होनी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया, जिसके कारण बारिश के दौरान करंट फैलने जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू कर दी। वहीं बिजली विभाग का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने जिम्मेदारों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर बिजली सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कराने की मांग की है। बारिश के मौसम मे जनहित में अपील: हादसे के कारणों को लेकर कई तरह के स्थानीय दावे और आरोप सामने आए हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर ही माना जाना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की मीडिया आधिकारिक पुष्टि नही करता है।










