पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिरों को धर दबोचा है। टीम ने छापेमारी कर गिरोह के पास से 79 चेकबुक, 77 एटीएम कार्ड, छह पीओएस मशीन और फर्जी कंपनियों के दस्तावेज बरामद किए। पकड़े गए आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर देशभर से ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर मनी लॉन्ड्रिंग करते थे। टीम ने रविवार को आवास विकास योजना के एक फ्लैट पर छापा मारा। वहां चारों आरोपी लैपटॉप और मोबाइल से संदिग्ध लेनदेन कर रहे थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह लोगों के केवाईसी दस्तावेज लेकर उनके नाम पर शेल कंपनियां रजिस्टर कराता था। फिर उन्हीं कंपनियों के कॉरपोरेट खातों में साइबर अपराध की रकम जमा कर चेकबुक एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग से पैसा निकाल लिया जाता था। बदले में आरोपियों को कमीशन मिलता था। पकड़े गए आरोपियों में उन्नाव का सत्येन्द्र सविता और बिहार के पूर्वी चंपारण के निप्पु कुमार मनीष कुमार व सन्नी कुमार शामिल हैं। गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है, जो पहचान छिपाकर पूरे नेटवर्क को चला रहा था।
पुलिस के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर देश के अलग-अलग राज्यों से 718 शिकायतें दर्ज हैं। छापे में 15 एंड्रॉयड मोबाइल, 14 कीपैड मोबाइल, 3 लैपटॉप, 29 सिम कार्ड और 6 कंपनी स्टांप भी मिले हैं। इस सम्बंध में एडीसीपी साउथ रस्सा पल्ली बसंथ कुमार ने बताया कि थाना सुशांत गोल्फ सिटी में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर चारों को जेल भेज दिया गया है जबकि फरार सरगना समेत अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है।










