राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में बैंक कर्मियों की भूमिका पर शिकंजा, मीडिया कवरेज पर भी लगी रोक

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब जांच एजेंसियों का फोकस उन बैंक कर्मियों पर भी पहुंच गया है, जिनकी भूमिका दान राशि की गणना और जमा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मामले में बैंक के दो कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस को अहम साक्ष्य मिले हैं और जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

इसी बीच सुरक्षा कारणों और चल रही जांच को देखते हुए राम मंदिर परिसर के सामने मीडिया कवरेज पर भी रोक लगा दी गई है। अब किसी भी मीडिया संस्थान को मंदिर के सामने से रिपोर्टिंग करने के लिए सुरक्षा अधिकारियों की पूर्व अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति पहुंचे मीडिया कर्मियों को वहां से हटाया जा रहा है।

बैंक कर्मियों की भूमिका जांच के दायरे में

सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में बैंक कर्मियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। जांच में सामने आया है कि दान राशि की गणना और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया के दौरान कुछ कर्मचारियों की नियमित मौजूदगी रहती थी। पुलिस और एसआईटी की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस पूरे मामले में बैंक से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध हो सकती है।

बताया जा रहा है कि रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप नामक दो कर्मचारियों की ड्यूटी दान राशि की गिनती और निगरानी व्यवस्था से जुड़ी थी। गणना प्रक्रिया के दौरान उनकी मौजूदगी अनिवार्य मानी जाती थी और राशि बैंक में जमा होने तक वे पूरी प्रक्रिया का हिस्सा रहते थे।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं दान राशि में कथित अनियमितताओं के पीछे इन कर्मचारियों की कोई भूमिका तो नहीं रही। सूत्रों का दावा है कि पुलिस को दोनों के खिलाफ कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

एसआईटी जांच में भी मिले संकेत

विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट में भी बैंक कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। जांच टीम ने दान राशि की गणना, रिकॉर्ड संधारण और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया का विस्तार से अध्ययन किया है। इसी क्रम में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।

हालांकि, अभी तक किसी अधिकारी द्वारा आधिकारिक रूप से इन कर्मचारियों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जांच एजेंसियां लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।

मीडिया कवरेज पर प्रशासन सख्त

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने राम मंदिर के सामने मीडिया कवरेज को नियंत्रित करने का फैसला लिया है। अब रिपोर्टिंग के लिए सुरक्षा विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

फैजाबाद बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला

इस बीच फैजाबाद बार एसोसिएशन की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। बैठक में शामिल अधिवक्ताओं ने कथित तौर पर राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण के आरोपियों की पैरवी न करने का फैसला लिया है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक प्रस्ताव सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन बार संघ के इस रुख की चर्चा कानूनी और राजनीतिक हलकों में तेज हो गई है।

जांच पर टिकी हैं सबकी निगाहें

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण अब केवल चोरी या वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इससे जुड़े कई स्तरों की जांच की जा रही है। बैंक कर्मियों की संभावित भूमिका, एसआईटी की रिपोर्ट, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों के अगले कदम पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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