लखनऊ/बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शोषित, वंचित और विस्थापित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सोमवार को बिजनौर जिले में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों और 50 पूर्व सैनिकों एवं लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करेंगे।
बिजनौर के धामपुर तहसील क्षेत्र स्थित आलमपुर गांवड़ी, अफजलगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विभिन्न विकास योजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण भी करेंगे। इस अवसर पर लंबे समय से भूमि अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे विस्थापित परिवारों को उनकी जमीन का वैधानिक मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा। इसे सरकार की पुनर्वास और सामाजिक न्याय नीति के तहत एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और चेक भी वितरित करेंगे। इसके अलावा महिलाओं के स्वयं सहायता समूह और कॉमन सर्विस सेंटर के सहयोग से संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का उद्घाटन भी करेंगे। यह कैफे महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
प्रदेश सरकार इससे पहले भी विस्थापित और भूमिहीन परिवारों को अधिकार दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है। अप्रैल महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश से विस्थापित 331 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र सौंपे थे। इसी कार्यक्रम में नदियों के कटान से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों तथा थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भी भूमि अधिकार पट्टे वितरित किए गए थे।
इसके अलावा मार्च महीने में बहराइच जिले के ग्राम पंचायत सेमरहना में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भरथापुर गांव के 118 लाभार्थियों को पुनर्वास सहायता के रूप में प्रति परिवार 15 लाख रुपये की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की थी। इस दौरान कृषि भूमि और अन्य परिसंपत्तियों के समतुल्य 21.55 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का भी हस्तांतरण किया गया था। साथ ही 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना, शौचालय और आवासीय भूमि के पट्टे भी वितरित किए गए थे।
प्रदेश सरकार का कहना है कि भूमि अधिकार मिलने से विस्थापित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य ऐसे सभी परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, जो वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बिजनौर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम हजारों परिवारों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। भूमिधरी अधिकार मिलने के बाद इन परिवारों को न केवल कानूनी पहचान मिलेगी, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी आसानी होगी।










