’चुनाव आयोग पर कांग्रेस के झूठे आरोप बेनकाब, नीरज रानी ने बोला हमला’

पायनियर सॅवाददाता। कानपुर देहात
जिला पंचायत अध्यक्ष ’नीरज रानी’ ने चुनाव आयोग पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर जिला पंचायत सभागार माती में प्रेस वार्ता कर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आयोग के संयुक्त बयान के बाद कांग्रेस और इण्डी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एस. एस. संधू व विवेक जोशी की 26 सितंबर की बैठक में स्पष्ट किया गया कि एसआईआर सहित सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। जिसे माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को कानूनी रूप से वैध ठहराया है।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखा गया पत्र किसी नीति से संबंधित नहीं, बल्कि डेपुटेशन पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली तक सीमित आंतरिक मामला था। एक अंग्रेजी दैनिक में छपी रिपोर्ट तथ्यहीन और काल्पनिक है। फॉर्म-6 को लेकर विपक्ष भ्रम फैला रहा है, जबकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि नये वोटर के लिए फॉर्म-6 के घोषणापत्र को सुप्रीम कोर्ट ने वैध ठहराया है, किसी प्रक्रिया में कोई हेरफेर नहीं हुआ है। नीरज रानी ने कहा कि हार से बौखलाई कांग्रेस अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है। राहुल गांधी का इतिहास रहा है संस्थाओं को बदनाम करने का - कभी ईवीएम को ब्लैक बॉक्स बताना, कभी चैकीदार चोर है कहकर सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगना, कभी विदेशी मंचों से न्यायपालिका पर सवाल उठाना और कभी सेना के शौर्य का अपमान करना। चुनाव आयोग की स्पष्टता के बाद कांग्रेस को देश से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।



