नशे की हालत में वारदात को दिया अंजाम
जानकीपुरम सेक्टर-तीन की घटना
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। जानकीपुरम थाना क्षेत्र में रविवार को पारिवारिक विवाद के चलते एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां सेक्टर-तीन में रहने वाले दो सगे भाइयों के बीच मामूली कहासुनी इस कदर बढ़ी कि बड़े भाई ने आव देखा न ताव, घर में रखा घरेलू गैस सिलेंडर उठाकर छोटे भाई के सिर पर दे मारा। हमले में छोटा भाई लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।आर्यन के पिता जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर-तीन निवासी रामानंद मिश्रा पेंटिंग का ठेका लेकर काम कराते हैं। पत्नी मंजू मिश्रा छोटा बेटा आर्यन मिश्रा (21) डालीगंज स्थित बीज भंडार में दवा सप्लाई का काम करता था। वही बड़ा बेटा अभिषेक मिश्रा (24) कुछ नहीं करता है।
पिता रामानंद मिश्रा का कहना है कि अभिषेक नशा करने के बाद अक्सर सबसे मारपीट करता था। रविवार सुबह उसने पहले मुझसे मारपीट की। हम किसी तरह उससे बचकर छत पर भाग गए। इसके बाद तैयार होकर दुकान का सामान लेने के लिए पत्नी के साथ यहियागंज जाने लगे। इस दौरान अभिषेक ने अपनी मां मंजू मिश्रा की पिटाई शुरू कर दी। सड़क पर ही उनको लात मारने लगा। मोहल्लेवालों ने बीच-बचाव कराया। छोटे बेटे आर्यन ने इसका विरोध किया, तो अभिषेक ने उसके साथ गाली-गलौज की। उसके बाद उसके सिर पर सिलेंडर से वार कर दिए। इसके आलावा अभिषेक ने उसके सिर पर सिलेंडर से वार कर दिए, जिससे वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा।
इससे भी अभिषेक का मन नहीं भरा तो उसकी टांग पकड़ कर खींचते हुए सड़क पर ले आया। फिर मोहल्लेवालों से कहने लगा इसको हमने मार दिया जिसको जो करना है कर ले। इस पर आर्यन को गंभीर हालत में चाचा परमानंद ने मोहल्लेवालों की मदद से ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर जानकीपुरम का कहना है कि रामानन्द मिश्रा के दो बेटों अभिषेक मिश्रा और आर्यन मिश्रा के बीच रविवार को किसी बात को लेकर तात्कालिक विवाद और गाली-गलौज शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।
नशे की हालत में बड़े भाई अभिषेक ने गुस्से में आकर भारी-भरकम गैस सिलेंडर से आर्यन के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिलेंडर के वार से आर्यन के सिर पर गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में आर्यन के चाचा परमानन्द मिश्रा और अन्य पारिवारिक जन उसे इलाज के लिए तत्काल ट्रॉमा सेंटर, लखनऊ लेकर भागे। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद आर्यन को मृत घोषित कर दिया।
थाना प्रभारी विनोद तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी विनोद तिवारी ने बताया कि आरोपी बड़े भाई अभिषेक मिश्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, परिजनों से तहरीर मिलते ही सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।










