महराजगंज। सोमवार को नगरपालिका के ईओ कार्यालय में रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर फरियादियों की भीड़ लगी थी। कार्यालय में करीब 11:30 बजे लोगों से खचाखच भरा था। कोई नाली की समस्या लेकर पहुंचा था तो कोई सड़क और सफाई की शिकायत लेकर। इसी बीच एक बुजुर्ग महिला की कांपती आवाज ने अचानक पूरे माहौल का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।नेहरू नगर निवासी करीब 65 वर्षीय आशा देवी कार्यालय में पहुंचीं और अपनी पीड़ा बयां करते हुए बोलीं, बाबू, हमारे पास मकान नहीं है। हमें भी मकान दिलवा दीजिए। पीएम साहब और सीएम साहब गरीबों के लिए मकान बनवाने को पैसा भेजते हैं, हमें भी एक घर मिल जाए तो बुढ़ापा कट जाएगा। महिला की यह गुहार सुनकर वहां मौजूद लोग भी कुछ पल के लिए शांत हो गए।बुजुर्ग महिला की पूरी बात नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार मिश्रा ने बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी। उन्होंने महिला की परेशानी को समझते हुए तत्काल नगरपालिका बाबू इम्तियाज खान को बुलाने के निर्देश दिए। कुछ ही देर में बाबू ईओ के पास पहुंचे।ईओ ने संबंधित कर्मचारी से महिला के मामले की जानकारी लेने के साथ ही आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद उन्होंने आशा देवी को भरोसा दिलाया कि नियमानुसार उनके मामले की जांच कराकर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। ईओ के आश्वासन के बाद बुजुर्ग महिला के चेहरे पर उम्मीद की चमक साफ दिखाई देने लगी।
उम्मीद लेकर आईं, भरोसा पाकर दुआएं देती हुई लौटीं
गरीबी और अपने सिर पर छत न होने का दर्द लेकर नगरपालिका पहुंची आशा देवी जब अधिकारियों के सामने अपनी बात रख रही थीं, तब उनकी आंखों में बेबसी साफ झलक रही थी। लेकिन जब उन्हें मदद का भरोसा मिला तो चेहरे पर संतोष दिखाई देने लगा। वह अधिकारियों और कर्मचारियों को दुआएं देती हुई खुशी-खुशी कार्यालय से बाहर निकलीं।