पायनियर बाराबंकी। समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली आईजीआरएस/जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों एवं संदर्भों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। 07 अगस्त की स्थिति में डिफाल्टर एवं 11 अगस्त को डिफाल्टर होने वाले कुल 59 संदर्भ विभिन्न विभागों के अधिकारियों के स्तर पर लंबित पाए गए। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित 12 अधिकारियों का एक दिवस का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए हैं।शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल आईजीआरएस के अंतर्गत प्राप्त जनशिकायतों एवं संदर्भों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाना है। इसके लिए अधिकारियों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद समीक्षा में निर्धारित अवधि में संदर्भों का निस्तारण न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है।
कृषि विभाग के सर्वाधिक 23 संदर्भ लंबित
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार उप निदेशक, कृषि विभाग के स्तर पर सर्वाधिक 23 संदर्भ लंबित पाए गए। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी, महिला कल्याण विभाग के स्तर पर 8 संदर्भ लंबित मिले।राजस्व एवं आपदा विभाग के अंतर्गत कुल 17 संदर्भ निर्धारित समय-सीमा में निस्तारित नहीं किए गए। इनमें उप जिलाधिकारी रामसनेहीघाट के 4, तहसीलदार रामसनेहीघाट के 3 तथा तहसीलदार फतेहपुर के 10 संदर्भ शामिल हैं
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लंबित संदर्भों के निस्तारण में हुई देरी के संबंध में कारण स्पष्ट करते हुए सुस्पष्ट एवं तथ्यात्मक स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।