आलापुर तहसील में राजस्व व्यवस्था चरमराई, 103 हलकों पर सिर्फ 60 लेखपाल, 43 हल्के राम भरोसे
अतिरिक्त प्रभार छूटने से आय-जाति-निवास प्रमाण पत्रों पर असर, छात्र-छात्राओं और अभ्यर्थियों की बढ़ी परेशानी

इन्दईपुर (अंबेडकरनगर)। आलापुर तहसील में लेखपालों की कमी और अतिरिक्त हल्कों के प्रभार को लेकर उत्पन्न स्थिति अब आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। तहसील क्षेत्र में कुल 103 लेखपाल हल्के बताए जा रहे हैं, जबकि वर्तमान में महज 60 हल्कों में ही लेखपाल तैनात हैं। ऐसे में 60 लेखपालों को अपने मूल हल्कों के साथ 43 अन्य हल्कों का अतिरिक्त प्रभार भी संभालना पड़ रहा था।
करीब एक सप्ताह से अतिरिक्त प्रभार वाले हल्कों में कामकाज प्रभावित होने से आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों के निर्गमन पर भी असर पड़ने की बात सामने आ रही है। प्रमाण पत्रों की आवश्यकता छात्रवृत्ति, शैक्षणिक प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न सरकारी भर्तियों के आवेदन में होती है। ऐसे में समय से प्रमाण पत्र जारी नहीं होने पर छात्र-छात्राओं और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने आवेदन की समय सीमा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थिति को देखते हुए उपजिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर से अतिरिक्त हल्कों का काम सुचारु कराने के लिए राजस्व निरीक्षकों को जिम्मेदारी देने का प्रयास किए जाने की जानकारी है। हालांकि, राजस्व निरीक्षकों द्वारा अतिरिक्त हल्कों का प्रभार लेने से इनकार किए जाने की बात सामने आ रही है। इसके चलते व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश फिलहाल सफल होती नहीं दिख रही है।
अतिरिक्त प्रभार वाले 43 हल्कों में राजस्व कार्य प्रभावित होने से ग्रामीणों को जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए भटकना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि तहसील प्रशासन तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर सभी हल्कों में राजस्व कार्य सुचारु कराए, ताकि किसी छात्र या अभ्यर्थी का आवेदन केवल प्रमाण पत्र के अभाव में बर्बाद ना हो।



