मीरापुर । मीरापुर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के गांव में देर रात्रि में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मीरापुर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया है और तालाब का पानी उफनकर दर्जनों घरों में घुस गया, जिससे नगर वासियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर कोसा क्षेत्रीय जनता बारिश में ही बुरी तरह प्रभावित हो गई है। मीरापुर की जनता क्षेत्रीय राजनेताओं से पूछ रही है कि उनके वायदे कहां पर गुम हो गए हैं? जनता को कब इस जल भराव से मुक्ति मिलेगी?
कस्बा मीरापुर एवं ग्रामीण क्षेत्र मैं रुक-रुक कर लगातार हो रही बारिश कस्बे के दर्जनों मोहल्ले गलियां पूरी तरह पानी से भर गई है गंदा पानी घरों मकान एवं दुकानों में घुस गया है। कस्बे का कोई भी ऐसा स्थान नहीं है जहां से नगर के लोग बाहर आने जाने के लिए मीरापुर के चारों तरफ भर पानी से ही गुजरना पड़ रहा है। यही नहीं मेरठ, बिजनौर मार्ग पर तो इतना पानी भर गया है कि छोटे वाहन का तो गुजरना नामुमकिन हो गया है। अधिक वर्षा के चलते आसपास क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों का भी बुरा हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य तालाब पूरी तरह भर गया। इसके बाद पानी आसपास के मकानों और गलियों में फैल गया। कई परिवारों के घरों में पानी भर जाने से घरेलू सामान खराब हो गया और लोगों को रातभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे एवं गांव के मुख्य मार्गों पर कई फीट तक पानी जमा होने से आवागमन बाधित हो गया है। वहीं बिजनौर मेरठ मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ट्रक चालक बस चालक जैसे तैसे करके अपने वाहनों को निकाल लेते हैं, लेकिन छोटे वाहनों को भारी असुविधा बनी हुई है। लगातार जलभराव के कारण किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं गंदा पानी सड़क का नगर पंचायत द्वारा ट्रैक्टर में पंप लगाकर निकाला जा रहा है जो आसपास के खेतों में निकासी की जा रही है जिससे किसानों का कहना है कि पानी के अधिक भराव व गंदे पानी से फसलों को काफी नुकसान पहुंच रहा है खेतों में भी कई फुट तक पानी भर जाने से फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है। मीरपुर कस्बे वासियों ने आरोप लगाया कि बरसात से पहले नगर पंचायत और प्रशासन द्वारा तालाबों की समय पर सफाई नहीं कराई गई तथा पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं करवाए गए हैं। प्रतिवर्ष नगर पंचायत से लाखों रुपए प्रति महीने का बिल पानी निकासी के लिए खर्चे में दर्शाया जाता है, लेकिन पानी की निकासी जैसी की तैसी बनी हुई है। कस्बे में चारों तरफ बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है आने जाने वाहनों को भारी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोग दिन पर वाहनों को लेकर पानी से बचकर निकलने के लिए रास्ते तलाशते रहे, लेकिन कस्बे में कोई भी ऐसा रास्ता एवं लिंक मार्ग नहीं है, जिससे छोटे वाहनों को निकाला जा सके अलावा तालाबों पर हुए अवैध अतिक्रमण और सिल्ट जम जाने के कारण तालाबों की जलधारण क्षमता काफी कम हो गई है। यही वजह है कि मात्र कुछ घंटों की बारिश में ही बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। कस्बे वासियों एवं ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने, तालाबों से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि जलभराव के कारण पशुओं के लिए चारा लाने, खाद्य सामग्री की व्यवस्था करने और दैनिक आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मीरपुर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली से कस्बे की जनता पूरी त्रस्त हो गई है । उधर क्षेत्र के एमपी एवं एमएलए इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। क्षेत्रीय जनता का कहना है, आने वाले चुनाव में इन सब क्षेत्रीय नेताओं को उनके वायदे याद दिलाए जाएंगे। उसके पश्चात चुनाव में वोट देने पर विचार किया जाएगा।
भारी बारिश के चलते जल भराव से जनता बुरी तरह त्रस्त, वर्षा आने पर क्षेत्रवासियों का घबराता है दिल
मीरापुर । मीरापुर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के गांव में देर रात्रि में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मीरापुर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया है और तालाब का पानी उफनकर दर्जनों घरों में घुस…