मुख्य सामग्री पर जाएं
हिंदी संस्करण
पायनियर स्वतंत्र · निष्पक्ष · निर्भीक
उत्तर प्रदेश

सहारनपुर जाने से रोकी गईं इकरा हसन, मस्जिद ध्वस्तीकरण को बताया गैरसंवैधानिक, हाई कोर्ट जाने की घोषणा

कैराना आवास पर पुलिस तैनाती से भड़कीं सांसद, कहा—धार्मिक स्थल तोड़ना संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन, अंकित बालियान हत्याकांड में एनकाउंटर पर भी उठाए सवाल कैराना। सहारनपुर कलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण को लेकर सहारनपुर जाने की कोशिश कर रहीं कैराना सांसद इकरा…

साझा करें WhatsAppFacebookX
सहारनपुर जाने से रोकी गईं इकरा हसन, मस्जिद ध्वस्तीकरण को बताया गैरसंवैधानिक, हाई कोर्ट जाने की घोषणा
कैराना आवास पर पुलिस तैनाती से भड़कीं सांसद, कहा—धार्मिक स्थल तोड़ना संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन, अंकित बालियान हत्याकांड में एनकाउंटर पर भी उठाए सवाल
कैराना। सहारनपुर कलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण को लेकर सहारनपुर जाने की कोशिश कर रहीं कैराना सांसद इकरा हसन को पुलिस ने उनके कैराना स्थित आवास पर रोक दिया। पुलिस की तैनाती और सहारनपुर जाने से रोके जाने पर सांसद ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला।उन्होंने मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को गैरसंवैधानिक बताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया। सांसद ने कहा कि वह पूरे मामले को लेकर हाई कोर्ट जाएंगी और कानूनी लड़ाई लड़ेंगी।
शुक्रवार देर रात समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन पुराना बाईपास स्थित अपने आवास से सहारनपुर जाने के लिए निकल रही थी। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंच गई। सांसद के अनुसार, जैसे ही वह गाड़ी में बैठकर निकलने लगीं, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। शनिवार को भी उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। सांसद ने कहा कि उन्हें रात में जानकारी मिली थी कि सहारनपुर कलक्ट्रेट स्थित मस्जिद को सील किया गया है। वह अधिकारियों से बातचीत करने और मामले की जानकारी लेने के लिए सहारनपुर जाना चाहती थीं। उनका आरोप है कि उन्हें रोकने के लिए आवास के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इकरा हसन ने कहा कि एक धार्मिक स्थल को जिस तरह से ध्वस्त किया गया, वह सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले प्रभावित पक्ष को पर्याप्त कानूनी अवसर नहीं दिया गया। सांसद ने प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट और वक्फ बाई यूजर समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि मामले में कानूनी विकल्प अभी खुले हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और न्यायालय जाने का अधिकार है। गंभीर मामलों में भी आरोपित को उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट तक अपील का अवसर मिलता है, ऐसे में धार्मिक स्थल से जुड़े मामले में जल्दबाजी क्यों की गई, यह सवाल खड़ा होता है। सांसद ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं और धार्मिक तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने सरकार से हिंदू-मुस्लिम मुद्दों के अलावा स्कूल, किसान, बिजली बिल और अपराध जैसे मुद्दों पर भी जवाब देने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मामले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।
‘अपराध कर दिया क्या?’, पुलिस से भिड़ीं सांसद
कैराना। सांसद का पुलिस से बातचीत का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में वह गाड़ी में बैठी पुलिस अधिकारियों से सवाल-जवाब करती नजर आ रही हैं। जारी वीडियो में सांसद कहती हैं कि वह अपनी इच्छा से कहीं भी जा सकती हैं और सवाल करती हैं—”अपराध कर दिया क्या?” वह पुलिस से कहती हैं कि पुलिस निवेदन कर सकती है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि को इस तरह जाने से रोकना उचित नहीं है। इसी दौरान वह पुलिसकर्मियों से कहती हैं कि यदि उन्हें रोकना है तो रोककर दिखाएं। सांसद ने यह भी कहा कि वह अक्सर देर रात घर लौटती हैं और उन्हें यह बताया जाना चाहिए कि आखिर उन्हें किस खतरे के नाम पर रोका जा रहा है।
इकरा हसन ने बताया कि उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से फोन पर बातचीत कर पूरे प्रकरण की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं को भी घटनाक्रम से अवगत कराया गया है। मामले में कानूनी विकल्पों पर पार्टी स्तर पर मंथन चल रहा है।
वीडियो में सांसद की मां एवं पूर्व सांसद तबस्सुम हसन भी पुलिसकर्मियों से बातचीत करती नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवार किसी दबाव से डरने वाला नहीं है। उनका कहना था कि परिवार जनता की सेवा के लिए है और आगे भी लोगों के लिए काम करता रहेगा।