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कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद पर चला बुलडोजर, सियासत गरमाई,सपा नेता और कई पार्षद हाऊस अरेस्ट, सांसद इकरा हसन को रोका गया

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद पर शनिवार तड़के प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह करीब 4 बजे 6 बुलडोजरों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस दौरान कलेक्ट्रेट के पांचों गेट सील कर दिए गए…

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कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद पर चला बुलडोजर, सियासत गरमाई,सपा नेता और कई पार्षद हाऊस अरेस्ट, सांसद इकरा हसन को रोका गया

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद पर शनिवार तड़के प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह करीब 4 बजे 6 बुलडोजरों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस दौरान कलेक्ट्रेट के पांचों गेट सील कर दिए गए और परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर पीएसी, आरआरएफ समेत 200 से अधिक जवान, 10 थानों की पुलिस और आला अधिकारी मौजूद रहे।प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट सील कर दिए। किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। सुरक्षा के लिए आरएएफ समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
कार्रवाई को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस तथा सपा के वरिष्ठ नेता सोशल मीडिया के माध्यम से जहां इस कार्रवाई पर रोष जता रहे वहीं दूसरी ओर एक जाति विशेष के लोगो से शांति बनाये रखने की अपील कर रहे। प्रशासन भी इस कार्रवाई को लेकर काफी गंभीर दिखा। सुबह होते ही पुलिस ने  सपा सहित तमाम पार्षदों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों को स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाउस अरेस्ट कर लिया। कैराना से सपा सांसद इकरा हसन को सहारनपुर आने से पहले रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि वह प्रशासन से मिलकर लोगों की बात रखना चाहती थीं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे संविधान की धज्जियां उड़ाना बताया और कहा कि वक्फ बोर्ड को पक्षकार नहीं बनाया गया, वे हाईकोर्ट जाएंगे।
डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की गई है और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर-प्रशासन
सहारनपुर। प्रशासन का कहना है कि कलेक्ट्रेट में मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर हुई है। मामला करीब 315 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण से जुड़ा है। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत पर 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में उत्तर प्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध मानते हुए बेदखली और 30 दिन में परिसर खाली करने का आदेश दिया था, साथ ही 6 करोड़ 41 लाख 65 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति भी लगाई थी। मस्जिद पक्ष ने इसे 150 साल पुरानी वक्फ संपत्ति बताया था, लेकिन अदालत में ठोस साक्ष्य पेश नहीं हो सके। मस्जिद पक्ष ने इस आदेश को जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत में चुनौती दी। जिला अदालत ने 2 सितंबर को अपील खारिज कर सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।