पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। बख्शी तालाब विकासखंड की ग्राम पंचायत अरम्बा के पंडित पुरवा में विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। गांव की गलियां जलभराव,कीचड़ और गंदगी से बेहाल हैं। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी रास्तों में जमा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। उन्हें कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बच्चे रास्ते में फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान गांव में जलभराव की समस्या हर वर्ष गंभीर हो जाती है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और पानी की निकासी का समुचित इंतजाम न होने से गलियों में गंदगी जमा हो गई है। कई स्थानों पर रास्ते कीचड़ से पूरी तरह सन गए हैं।
ऐसे में पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों और बुजुर्गों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद जलनिकासी और सफाई की समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश शुरू होने से पहले यदि नालियों और गलियों की सफाई करा दी जाती तो हालात इतने खराब नहीं होते।

अब जलभराव के बीच गंदगी बढ़ने से ग्रामीणों को संक्रमण और अन्य परेशानियों की आशंका भी सता रही है। बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल गांव के रास्तों पर कीचड़ और पानी जमा होने से स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। फिसलन के कारण बच्चों के गिरने की घटनाएं सामने आने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराना चाहिए।
स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से पंडित पुरवा की गलियों में तत्काल सफाई कराने, जलभराव वाले स्थानों से पानी निकलवाने और नालियों की सफाई कराने की मांग की है। साथ ही बारिश के पानी की स्थायी निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल बारिश के समय अस्थायी सफाई कराने से समस्या खत्म नहीं होगी। जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था होने पर ही गांव को हर साल होने वाली इस परेशानी से निजात मिल सकेगी।