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फरीदाबाद में पटवारी-कानूनगो की दो दिन की हड़ताल खत्म

नए मोटेशन पोर्टल की खामियों पर जताया विरोध रिकॉर्ड में खरीदार-विक्रेता के नाम नहीं दिखने का आरोप पर्याप्त प्रशिक्षण के बिना पोर्टल लागू करने से बढ़ी परेशानी सरकार से तकनीकी दिक्कतें दूर करने की मांग कविता। फरीदाबाद नए मोटेशन पोर्टल की तकनीकी…

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फरीदाबाद में पटवारी-कानूनगो की दो दिन की हड़ताल खत्म
  • नए मोटेशन पोर्टल की खामियों पर जताया विरोध
  • रिकॉर्ड में खरीदार-विक्रेता के नाम नहीं दिखने का आरोप
  • पर्याप्त प्रशिक्षण के बिना पोर्टल लागू करने से बढ़ी परेशानी
  • सरकार से तकनीकी दिक्कतें दूर करने की मांग

कविता। फरीदाबाद
नए मोटेशन पोर्टल की तकनीकी खामियों के विरोध में दो दिन से चल रही पटवारी और कानूनगो की सांकेतिक हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। स्टेट यूनियन के आह्वान पर हुई हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने नए पोर्टल में आ रही समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। संगठन का कहना है कि यदि तकनीकी खामियां जल्द दूर नहीं की गईं तो आगे आंदोलन का निर्णय लिया जा सकता है।

पटवार एवं कानूनगो संगठन के प्रधान परविंदर अधाना ने बताया कि जमीन के मोटेशन के लिए सरकार ने नया पोर्टल शुरू किया है। उनका कहना है कि करीब 20 वर्षों से मोटेशन का काम पुराने पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा था, लेकिन अब नए सॉफ्टवेयर को लागू कर दिया गया है।

कर्मचारियों का आरोप है कि नए पोर्टल को लागू करने से पहले उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण और व्यावहारिक जानकारी नहीं दी गई। इसके चलते रोजाना के काम में तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं और मोटेशन दर्ज करने में पहले की अपेक्षा अधिक समय लग रहा है। संगठन के अनुसार सबसे बड़ी समस्या मोटेशन के अंतिम रिकॉर्ड को लेकर है। रजिस्ट्री अथवा विरासत का मोटेशन दर्ज करने के बाद कई मामलों में प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद रिकॉर्ड में खरीदार या विक्रेता का नाम दिखाई नहीं देता। कर्मचारियों का कहना है कि इससे जमीन के रिकॉर्ड को लेकर भविष्य में परेशानी पैदा हो सकती है।

पटवारी और कानूनगो ने सरकार से नए पोर्टल की तकनीकी खामियां तत्काल दूर करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि समस्याओं का समाधान संभव नहीं है तो पुराने पोर्टल को दोबारा शुरू किया जाए, ताकि जमीन से जुड़े रिकॉर्ड का काम सुचारु रूप से चल सके।

संगठन ने जमीन की पैमाइश के दौरान तार फेंसिंग के कारण कर्मचारियों को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि मौके पर पैमाइश के दौरान फेंसिंग के कारण काम करना कई बार मुश्किल हो जाता है।
शुक्रवार को सांकेतिक हड़ताल समाप्त होने के बाद कर्मचारी नियमित काम पर लौट आए। संगठन ने कहा कि अब आगे की रणनीति स्टेट यूनियन के निर्देशों के आधार पर तय की जाएगी।