पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। विकासनगर स्थित रिंग रोड पर उस समय बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जब वहां स्थित एक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप परिसर में अचानक भीषण आग लग गई। आग पेट्रोल पंप परिसर के भीतर ही किराए पर संचालित हो रही एक कैंटीन में लगी। पेट्रोल पंप जैसी संवेदनशील जगह पर आग की लपटें उठती देख पूरे इलाके और चौराहे पर हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, उक्त पेट्रोल पंप की मालकिन इंद्रानगर निवासी माया रानी हैं, जबकि उनके बेटे कुंवर विवेक सिंह पंप की देखरेख करते हैं। कुंवर सिंह ने बताया कि पंप परिसर में बनी कैंटीन को विपुलखंड गोमतीनगर निवासी रविश कुमार ने किराए पर ले रखा था, जहाँ वह लगभग तीन महीने से पंजाबी फ्लेवर्स रेस्टोरेंट एंड कैटर्स का संचालन कर रहे थे।


सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए कैंटीन में सारा काम गैस के बजाय इंडक्शन उपकरणों से किया जाता था। रेस्टोरेंट संचालक रविश कुमार ने बताया कि उनके पिता अस्पताल में भर्ती हैं, जिसके कारण पिछले पांच-सात दिनों से रेस्टोरेंट पूरी तरह बंद था। घटना की जानकारी गुरुवार अपराह्न 4.25 बजे चौराहे पर तैनात ट्रैफिक दीवान प्रमोद सिंह ने तुरंत फायर ब्रिगेड को दी। आग की भयावहता और पेट्रोल पंप के खतरे को देखते हुए, ठीक सामने स्थित रीजेंसी हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने अद्भुत सूझबूझ और तत्परता दिखाई। हॉस्पिटल स्टाफ ने अपने स्वयं के फायर पंप से पानी की बौछारें डालना शुरू कर दिया, जिससे आग को पेट्रोल टैंकों तक फैलने से रोका जा सके। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां और अग्निशमन दल की टीम मौके पर पहुंची। रीजेंसी हॉस्पिटल के स्टाफ और फायर कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद लगभग आधे घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिए जाने से एक बहुत बड़ा और भयानक हादसा टल गया।
लाखों का सामान जलकर खाक, जांच जारी
इस अग्निकांड में किसी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन बंद रेस्टोरेंट के भीतर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया है। नुकसान के आकलन के अनुसार, रेस्टोरेंट में रखे दो डीप फ्रीजर, एसी, इंडक्शन चूल्हे, माइक्रोवेव, पिज्जा ओवन और भारी मात्रा में बर्तन व अन्य सामग्रियां पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। फिलहाल, शॉर्ट सर्किट या आग लगने के अन्य संभावित कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।










