निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों के कार्यों में देरी, मुख्य सचिव खफा

-मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप की बैठक सम्पन्न

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मां पाटेश्वरी देवी राज्य विवि बलरामपुर, मां विन्ध्यवासिनी विवि मिर्जापुर तथा गुरु जम्भेश्वर विवि मुरादाबाद के निर्माण कार्यों की पूर्णता तिथि बार-बार बढ़ाए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उच्च शिक्षा एवं लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिवों को संयुक्त रूप से परियोजनाओं की समीक्षा कर विलम्ब के लिए जिम्मेदारी तय करने तथा दोषी अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव गुरुवार को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की बैठक कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन तीनों निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों के शेष कार्य हर हाल में 31 जुलाई तक पूर्ण कराए जाएं, ताकि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को समयबद्ध रूप से आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

वन विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक औपचारिकताओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए तथा विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारने के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि मां पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय, बलरामपुर के निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति 92.02 प्रतिशत है तथा इसके पूर्ण होने की संभावित तिथि 15 जुलाई, 2026 है। इसी प्रकार मां विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर के निर्माण कार्य 90.20 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं और 25 जुलाई, 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।

वहीं गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद की भौतिक प्रगति 87.19 प्रतिशत है तथा इसके पूर्ण होने की संभावित तिथित 31 जुलाई, 2026 है। बैठक में उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर परियोजना की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने के लिए परामर्शी का चयन एवं ईएफसी की बैठक सम्पन्न हो चुकी है तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार टेण्डर प्रक्रिया 2 जुलाई, 2026 तक पूर्ण की जाएगी, जबकि 3 जुलाई से 3 अगस्त, 2026 तक मूल्यांकन, चयन एवं अनुबंध संबंधी समस्त कार्यवाही पूरी की जाएगी।

परियोजना का निर्माण कार्य 4 अगस्त, 2026 से प्रारम्भ किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त वन विभाग मुख्यालय, लखनऊ में ग्रीन एवं इको-फ्रेंडली कार्यालय भवन निर्माण परियोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ईएफसी द्वारा परियोजना लागत को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा 25 जून तक शासनादेश जारी होने की संभावना है। ध्वस्तीकरण (डिमोलिशन) की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत टेण्डर, मूल्यांकन, चयन एवं अनुबंध संबंधी कार्यवाही संपन्न की जाएगी। समय सारिणी के अनुसार परियोजना का निर्माण कार्य 19 अक्टूबर, 2026 से प्रारम्भ होने की संभावना है।

Chief Reporter Pioneer Hindi

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