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एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार को मिली बड़ी राहत, रेलवे बोर्ड से एनओसी जारी; जल्द शुरू हो सकता है निर्माण कार्य

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सेक्टर-61 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक प्रस्तावित एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार परियोजना को रेलवे बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) मिल गया है। इसके साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना…

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एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार को मिली बड़ी राहत, रेलवे बोर्ड से एनओसी जारी; जल्द शुरू हो सकता है निर्माण कार्य

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सेक्टर-61 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक प्रस्तावित एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार परियोजना को रेलवे बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) मिल गया है। इसके साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना की एक बड़ी प्रशासनिक बाधा दूर हो गई है और अब इसके अंतिम अनुमोदन की प्रक्रिया तेज हो गई है।

रेलवे बोर्ड से एनओसी मिलने के बाद नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश इसी सप्ताह पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) के समक्ष परियोजना का प्रस्तुतीकरण करेंगे। इस दौरान परियोजना की उपयोगिता, लागत और क्षेत्रीय महत्व से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। पीआईबी की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, पहले इस परियोजना का प्रस्तुतीकरण जून के पहले सप्ताह में होना था, लेकिन कुछ कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जून के अंत तक परियोजना को निर्माण संबंधी आवश्यक मंजूरियां मिल सकती हैं। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं तो अगले तीन महीनों में टेंडर प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। ऐसे में दीपावली से पहले निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना भी बढ़ गई है।

एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश के अनुसार, इस मेट्रो विस्तार परियोजना से लगभग चार लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासतौर पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौड़ चौक और नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही सड़कों पर लगने वाले जाम से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

यह मेट्रो विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन का हिस्सा होगा, इसलिए इसकी लागत भी अपेक्षाकृत कम रहेगी। परियोजना को पीआईबी से मंजूरी मिलने के बाद लागत और उपयोगिता का मूल्यांकन मंत्रालय स्तर पर किया जाएगा। इसके बाद अंतिम औपचारिक मंजूरी के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार की कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।

प्रस्तावित मेट्रो रूट सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 स्थित किसान चौक तक विकसित किया जाएगा। करीब 7.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर पांच नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और किसान चौक स्टेशन शामिल हैं। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1500 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

विशेष बात यह है कि यह मेट्रो रूट आरआरटीएस कॉरिडोर से अलग होगा, लेकिन किसान चौक के पास इसे वॉकवे के जरिए आरआरटीएस नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद और दिल्ली के बीच आवागमन और भी आसान हो जाएगा।

परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसके निर्माण में लगभग दो वर्ष का समय लगने का अनुमान है। ऐसे में आने वाले वर्षों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों यात्रियों को आधुनिक, तेज और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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