गाजियाबाद नगर निगम में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू, अब डिजिटल होगी फाइलों की पूरी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद नगर निगम ने अपने प्रशासनिक कामकाज को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम मुख्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर दी गई है, जिसके तहत अब विभिन्न विभागों की फाइलों का संचालन डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत निर्माण, स्वास्थ्य, जलकल, प्रकाश और उद्यान समेत कई विभागों की फाइलें ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से निस्तारित की जा रही हैं। अंतिम स्वीकृति के लिए भी पत्रावलियां अब डिजिटल रूप से संबंधित अधिकारियों को भेजी जा रही हैं।

रोजाना 200 से अधिक फाइलों पर होती है प्रक्रिया

नगर निगम में प्रतिदिन 200 से अधिक फाइलों पर कार्रवाई होती है। पहले फाइलों को एक टेबल से दूसरी टेबल और फिर विभिन्न अधिकारियों तक भौतिक रूप से पहुंचाया जाता था, जिससे प्रक्रिया में काफी समय लगता था। कई बार फाइलों के रखरखाव और खोजबीन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद अब सभी फाइलों का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और उनकी वर्तमान स्थिति को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। इससे फाइलों के गुम होने या लंबित रहने जैसी समस्याओं पर भी रोक लगेगी।

अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अधिकारियों, लिपिकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही विभागों में आधुनिक कंप्यूटर और स्कैनर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में तैयार करने और अपलोड करने में कोई परेशानी न हो।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि ई-ऑफिस से समय की बचत होगी, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिकारी आवश्यकता पड़ने पर किसी भी स्थान से फाइलों का निस्तारण कर सकेंगे। इससे विकास कार्यों की गति भी तेज होने की उम्मीद है।

जोनल कार्यालयों तक पहुंचेगी डिजिटल व्यवस्था

नगर आयुक्त के निर्देश पर अब नगर निगम मुख्यालय के साथ-साथ सभी जोनल कार्यालयों में भी ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पुरानी फाइलों की खोज आसान होगी और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

नगर निगम का यह कदम डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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