कौन हैं प्रल्हाद जोशी? धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संभाला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, जानिए पूरा राजनीतिक सफर

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को सौंप दिया है। लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव वाले प्रल्हाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार भी संभाल रहे हैं। ऐसे समय में उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है, जब NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर देशभर में बहस तेज है।

शिक्षा मंत्रालय की नई जिम्मेदारी

प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार ऐसे दौर में दिया गया है, जब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि उनके प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता से मंत्रालय की कार्यप्रणाली को मजबूती मिलेगी और परीक्षा सुधारों की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जाएंगे।

शैक्षणिक योग्यता

संसदीय प्रोफाइल के अनुसार, प्रल्हाद जोशी ने बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने कर्नाटक के केएस आर्ट्स कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उनका छात्र जीवन सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़ा रहा, जिसने आगे चलकर उनके राजनीतिक करियर की नींव रखी।

शुरुआती जीवन और राजनीतिक सफर

प्रल्हाद वेंकटेश जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ था। शुरुआती दौर में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और बाद में भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

1990 के दशक में हुबली के ईदगाह मैदान ध्वजारोहण आंदोलन और ‘कश्मीर बचाओ आंदोलन’ जैसे अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें राज्य की राजनीति में पहचान दिलाई। इसके बाद वे भाजपा के प्रमुख संगठनात्मक नेताओं में शामिल हो गए।

कर्नाटक से राष्ट्रीय राजनीति तक

प्रल्हाद जोशी ने वर्ष 2004 में कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने लगातार कई चुनावों में जीत दर्ज की और पांच बार सांसद चुने गए।कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी संगठनात्मक क्षमता और संसदीय अनुभव के चलते उन्हें केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई।

मोदी सरकार में अहम भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में प्रल्हाद जोशी ने संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खान मंत्री के रूप में काम किया। वर्तमान में वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं।अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों का विश्वास बहाल करना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

प्रधानमंत्री का जताया आभार

शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रल्हाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे इस जिम्मेदारी को विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में नए सुधारों की दिशा में आगे बढ़ेगा।प्रल्हाद जोशी का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू होकर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचा है। संगठन, संसद और कई केंद्रीय मंत्रालयों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि वे शिक्षा मंत्रालय की नई जिम्मेदारियों को किस तरह निभाते हैं।

 

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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