बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन रवाना
सोनू पायनियर संवाददाात। ज्योतिर्मठ
विश्व धरोहर स्थल नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के कोर जोन में जैव विविधता एवं पर्यावरणीय परिवर्तनों के अध्ययन के लिए नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन-2026 रविवार को रवाना हो गया। मोनाल वन विश्राम गृह में आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने अभियान दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान में 32 सदस्यीय कोर टीम सहित कुल 87 सदस्य शामिल हैं। दल में वन विभाग, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल तथा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ शामिल हैं।
अभियान दल राष्ट्रीय उद्यान के कोर क्षेत्र में पिछले चार दशकों के दौरान हुए पर्यावरणीय एवं भूगर्भीय परिवर्तनों का अध्ययन करेगा। इसके तहत जैव विविधता, वनस्पति, वन्यजीव, ग्लेशियरों तथा संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाएगा। साथ ही पिछले 40 वर्षों से लागू इंटरफेरेंस पॉलिसी के प्रभावों की भी समीक्षा की जाएगी। प्रभागीय वनाधिकारी के अनुसार अभियान ‘मिनिमम फुटप्रिंट’ सिद्धांत के तहत संचालित किया जाएगा, ताकि कोर जोन की पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता और प्राकृतिक पवित्रता प्रभावित न हो।
अध्ययन के आधार पर तैयार होने वाली रिपोर्ट भविष्य की संरक्षण नीतियों और हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।
इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान देश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है। यहां हो रहे पर्यावरणीय परिवर्तनों का वैज्ञानिक अध्ययन संरक्षण प्रयासों को अधिक प्रभावी और परिणामकारी बनाने में सहायक होगा।










