गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय का परिचय देते हुए दो लापता बच्चों को महज एक घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। इस सराहनीय अभियान में 60 से अधिक पुलिसकर्मियों ने भाग लिया और करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर बच्चों का पता लगाया। पुलिस की इस मुस्तैदी की स्थानीय लोगों और बच्चों के परिजनों ने जमकर प्रशंसा की।
जानकारी के अनुसार, थाना मानेसर क्षेत्र में रहने वाले दो नाबालिग बच्चे शनिवार शाम अपने घरों से लापता हो गए थे। बच्चों के अभिभावकों ने काफी देर तक अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस से मदद मांगी।
उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी ललित ने अपने चार वर्षीय पुत्र वीर के लापता होने की सूचना दी, जबकि एटा निवासी विष्णु ने अपने छह वर्षीय पुत्र काइरा के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई। दोनों परिवार मानेसर क्षेत्र में मजदूरी का कार्य करते हैं। शनिवार देर शाम काम से घर लौटने पर उन्हें बच्चे घर पर नहीं मिले, जिसके बाद उन्होंने आसपास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन की।
रात करीब 10:30 बजे दोनों परिवारों ने थाना मानेसर पुलिस को बच्चों के लापता होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात उप-निरीक्षक विनोद ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल थाना प्रभारी निरीक्षक सुधीर को अवगत कराया। इसके बाद बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया।
थाना प्रभारी के निर्देश पर विभिन्न पुलिस टीमों का गठन किया गया। ईआरवी, राइडर टीमों और अन्य पुलिसकर्मियों को अलग-अलग क्षेत्रों में तलाश अभियान के लिए लगाया गया। पुलिस ने बच्चों के घरों और आसपास के मार्गों पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच की। साथ ही बच्चों की तस्वीरें आसपास के लोगों को दिखाकर भी जानकारी जुटाई गई।
लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने दोनों बच्चों को मानेसर के नाहरपुर क्षेत्र से रात करीब 11:30 बजे सकुशल बरामद कर लिया। यानी सूचना मिलने के मात्र एक घंटे के भीतर बच्चों को सुरक्षित खोज लिया गया।
बच्चों के मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत उनके परिजनों को सूचना दी और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर बच्चों को उनके सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चों को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने गुरुग्राम पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों पर लगातार नजर रखना और उन्हें अकेला न छोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
गुरुग्राम पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर की गई पुलिसिंग और टीमवर्क से किसी भी चुनौती का प्रभावी समाधान निकाला जा सकता है।
संजय कुमार मेहरा










