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मेटा अलर्ट की एक और उपलब्धि मात्र सात मिनट में बचाई युवक की जान

पायनियर समाचार सेवा लखनऊ। मेटा अलर्ट से शाहजहांपुर की पुलिस ने मात्र सात मिनट में कीटनाशक दवा पीने जा रहे छात्र की जान बचा ली। छात्र ने आत्महत्या करने से पहले एक पोसट इंस्टाग्राम पर की थी। जिस पर मेटा अलर्ट ने…

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मेटा अलर्ट की एक और उपलब्धि मात्र सात मिनट में बचाई युवक की जान

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। मेटा अलर्ट से शाहजहांपुर की पुलिस ने मात्र सात मिनट में कीटनाशक दवा पीने जा रहे छात्र की जान बचा ली। छात्र ने आत्महत्या करने से पहले एक पोसट इंस्टाग्राम पर की थी। जिस पर मेटा अलर्ट ने तत्काल घटना की जानकारी को पुलिस मुख्यालय लखनऊ को संदेश भेजा। पुलिस मुख्यालय ने मेटा अलर्ट से मिली इस सूचना को सज्ञान में रकते हुए सबंधित जिले कि पुलिस को अलर्ट किया। ऐसे में अबतक मेटा अलर्ट का संज्ञान लेकर कुल 3420 व्यक्तियों के प्राणों की रक्षा यूपी पुलिस दुवारा की जा चुकी है।

शाहजहांपुर के थाना बंडा निवासी 20 वर्षीय छात्र ने 29 जूलाई को बोतल से कीटनाशक दवा पीते हुए आत्महत्या सबंधित वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया। उक्त पोस्ट के संबंध में 29 जूलाई को रात 11:30 पर मेटा कंपनी की तरफ से मुख्यालय, पुलिस महानिदेशक स्थित सोशल मीडिया सेन्टर को ई-मेल के माध्यम से अलर्ट प्राप्त हुआ। जिसका तत्काल संज्ञान लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने उक्त अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। मेटा कंपनी ने भेजे गए अलर्ट का संज्ञान लेते हुए मुख्यालय के सोशल मीडिया सेन्टर ने उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर के आधार पर तत्काल छात्र की लोकेशन ज्ञात कर जनपद शाहजहांपुर को प्रकरण से अवगत कराया गया।

जहां मुख्यालय ने उपलब्ध कराई गई सूचना एवं लोकेशन पर जनपद शाहजहांपुर के थाना बंडा के उप निरीक्षक अमरकांत सिंह, आरक्षी विशाल एवं आरक्षी दीपू शर्मा मात्र सात मिनट में छात्र के घर पहुँच गए। तथा परिजनों को उसकी पोस्ट की जानकारी देकर तत्काल छात्र के पास पहुँचे, तो देखा कि छात्र के पास ख़ाली कीटनाशक बोतल पड़ी थी जिसमे से सफेद रंग का कीटनाशक आस पास भी पड़ा था और छात्र उल्टी करने का प्रयास कर रहा था। छात्र अत्यंत अवसाद की स्थिति में था। पुलिस कर्मियों ने बिना समय गंवाए छात्र को परिजनों के सहयोग से नज़दीकी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां पर चिकित्सक ने छात्र का उपचार कर स्वस्थ होने पर उसको घर भेज दिया। पीड़ित छात्र के सामान्य स्थिति में आने पर पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह इंटरमीडिएट का छात्र है।

वह एक लड़की से प्रेम करता था, किंतु ब्रेकअप हो जाने के कारण वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव एवं भावनात्मक अवसाद से गुजर रहा था। इसी मानसिक तनाव के चलते उसके मन में आत्मघाती विचार उत्पन्न हुए और उसने यह कदम उठाया ।  पुलिस ने की गई काउंसलिंग में छात्र ने भविष्य में ऐसा कोई कदम नही उठाने का आश्वासन दिया। छात्र के परिजनों ने पुलिस की तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता एवं सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पुलिसकर्मियों की सराहना की गई। उत्तर प्रदेश पुलिस एवं मेटा कम्पनी के मध्य 2022 से प्रचलित व्यवस्था के अंतर्गत यदि कोई भी व्यक्ति फेसबुक अथवा इंस्टाग्राम पर आत्महत्या किए जाने से सम्बंधित पोस्ट करता है तो ऐसी पोस्ट के सम्बंध में मेटा कम्पनी ने उत्तर प्रदेश पुलिस को ई-मेल एवं फोन के माध्यम से अलर्ट भेजकर सूचित किया जाता है