लखनऊ। राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सेक्टर-बी में संचालित सैन्योर अस्पताल में भर्ती एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान परिवार के एक बुजुर्ग का पुलिस अधिकारी के पैरों में गिरकर न्याय की गुहार लगाते हुए वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, सीतापुर के बिसवां रोड निवासी शिवा पाण्डेय 27 जुलाई को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के सैन्योर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने पहले इलाज के लिए 50 हजार रुपये अग्रिम जमा कराए और ऑपरेशन के लिए तीन यूनिट रक्त की व्यवस्था करने को कहा। उनका कहना है कि रक्त की व्यवस्था होने के बाद अस्पताल ने ऑपरेशन और अन्य खर्चों के नाम पर एक लाख रुपये और जमा कराने की मांग की। आरोप है कि रकम जमा कराने के कुछ समय बाद ही अस्पताल प्रशासन ने मरीज को मृत घोषित कर दिया।
मरीज की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान परिवार के एक बुजुर्ग पुलिस अधिकारी के पैरों में गिरकर न्याय की मांग करते नजर आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि परिजनों के लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों के उपचार में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।










