‘बिलो टेंडर’ ले रहे ठेकेदारों पर रखी जाए पैनी नजर: योगी

-सीएम योगी ने गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की
-सीएम ने दिया निर्देश, समय-समय पर कार्यों की समीक्षा करें आयुक्त व जिलाधिकारी

पायनियर समाचार सेवा
​गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेतु निगम के कार्यों में सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और उनके लिए सुरक्षा किट का पूरा इंतजाम रहे। सभी विभाग आपस में बेहतर समन्वय के साथ काम करें। मुख्यमंत्री ने देवरिया में निर्माणाधीन ‘मोहन सेतु’ के कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थल का निरीक्षण करने और सेतु निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो भी ठेकेदार ‘बिलो टेंडर’ ले रहे हैं, उन पर पैनी नजर रखी जाए और ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी रविवार को एनेक्सी भवन में गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने शासन तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दोनों मंडलों में संचालित पुरानी व गतिमान परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि युद्धस्तर पर अभियान चलाकर सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जाए और हर काम गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने मानसून (बरसात) से पहले की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने और उन्हें समय से पूरा कराने का निर्देश दिया। बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने पिछले वर्ष के कार्यों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता तय कर सड़कों का काम तत्काल शुरू कराया जाए, जिससे आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सके। जून के अंत तक सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली जाएं और इसके तुरंत बाद शिलान्यास कराया जाए।

सभी जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने के बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि काम बीच में न रुके और समय से पूरा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण कराएं। इसकी कार्ययोजना तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय से धनराशि स्वीकृत हो सके। साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी समय से पूरी की जाए। कार्यों में गति लाने के लिए संबंधित कमिश्नर व जिलाधिकारी अपने-अपने स्तर पर नियमित बैठकें कर समीक्षा करें, जिससे निर्माण कार्यों की प्रगति हर हाल में सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कार्यों की प्रभावी निगरानी पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौके का मुआयना करें और तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करें।

​बैठक में केंद्रीय मंत्री व बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, दयाशंकर सिंह, विजयलक्ष्मी गौतम, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, राजेश त्रिपाठी, विमलेश पासवान, सरवन निषाद, शलभ मणि त्रिपाठी, ऋषि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जयप्रकाश निषाद, पीएन पाठक, विवेकानंद पांडेय समेत गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के विधानसभा क्षेत्रों के विधायक मौजूद रहे।

Chief Reporter Pioneer Hindi

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