आगरा किला में 12 जून को महाराजा सूरजमल के पराक्रम और ऐतिहासिक विजय की स्मृति में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। विजय दिवस के अवसर पर आगरा किला स्थित जहांगीर महल में करीब 700 लोगों की उपस्थिति में महाराजा सूरजमल के जीवन और वीरता पर आधारित नाट्य मंचन तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने इस आयोजन की अनुमति प्रदान कर दी है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने बताया कि महाराजा सूरजमल ने 12 जून 1761 को आगरा किला पर विजय प्राप्त की थी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की 265वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेश सरकार इसे विजय दिवस के रूप में मनाने जा रही है। अनुमति मिलने के बाद कार्यक्रम के लिए जहांगीर महल को चुना गया है।

इतिहास में दर्ज है महाराजा सूरजमल की विजय
इतिहासकारों के अनुसार, आगरा किला पर अधिकार करने के बाद महाराजा सूरजमल को किले से लगभग 50 लाख रुपये की धनराशि और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद प्राप्त हुआ था। बताया जाता है कि इन्हें भरतपुर ले जाया गया। ऐतिहासिक विवरणों में यह भी उल्लेख मिलता है कि आगरा किला और ताजमहल में लगे कुछ चांदी के दरवाजों को भी हटाकर भरतपुर ले जाया गया था।
इतिहासकारों का कहना है कि महाराजा सूरजमल की विजय के बाद आगरा क्षेत्र पर जाट शासन का प्रभाव स्थापित हुआ और वर्ष 1761 से 1774 तक करीब 13 वर्षों तक यह क्षेत्र भरतपुर रियासत के अधीन रहा।

30 दिनों तक चला था घेराव
पुरातत्वविद् डॉ. एम.सी. शर्मा के मुताबिक, आगरा किला पर कब्जा करने के लिए महाराजा सूरजमल ने सेनापति बलराम के नेतृत्व में लगभग 4,000 सैनिकों की टुकड़ी भेजी थी। सेना ने करीब एक महीने तक किले को घेर रखा। उस समय मुगल शासन कमजोर पड़ चुका था और किले में सीमित संख्या में सैनिक मौजूद थे। लंबे घेराव के बाद मुगल सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया और किला महाराजा सूरजमल के नियंत्रण में आ गया।

लखनऊ के कलाकार करेंगे प्रस्तुति
विजय दिवस समारोह में लखनऊ से आए कलाकार महाराजा सूरजमल के जीवन, संघर्ष और पराक्रम पर आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। आयोजन को भव्य बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह समेत कई गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को महाराजा सूरजमल के योगदान और इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों से परिचित कराना है।










