- मास्टरमाइंड के इशारे पर की थीं कई फर्जी रजिस्ट्रियां
- पुलिस अब पूरे गिरोह की तलाश में जुटी
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। सिसेंडी गांव में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री के चर्चित मामले में मोहनलालगंज पुलिस ने नकली किसान बनकर साढ़े तीन बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ में आरोपी ने मास्टरमाइंड के इशारे पर आधा दर्जन के करीब फर्जी रजिस्ट्रियां कराने और प्रत्येक रजिस्ट्री के एवज में डेढ़ लाख रुपये मिलने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब पूरे गिरोह और मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है। इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि सिसेंडी निवासी आशीष कुमार गुप्ता की शिकायत पर जांच शुरू हुई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गांव में सुरेश कुमार नाम के व्यक्ति के नाम पर कई बीघा जमीन दर्ज थी, जबकि ऐसा कोई व्यक्ति गांव का निवासी ही नहीं था। इसी का फायदा उठाकर जालसाजों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर नकली किसान खड़ा किया और करोड़ों रुपये की जमीन की फर्जी रजिस्ट्रियां करा दीं। पुलिस ने मामले में फर्जी किसान समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने आजमगढ़ निवासी हरीलाल को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में उसने बताया कि सिसेंडी निवासी राजेश कुमार जायसवाल के कहने पर उसने अमन जायसवाल, सन्नो खान और गिरधारी वर्मा के नाम करीब सात करोड़ रुपए मूल्य की साढ़े तीन बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराई थी। उसने यह भी बताया कि प्रत्येक फर्जी रजिस्ट्री के बदले उसे डेढ़ लाख रुपये दिए जाते थे।पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर मास्टरमाइंड समेत फर्जी रजिस्ट्रियां कराने वाले अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए चौकी प्रभारी सहित कई पुलिस टीमों को लगाया गया है।










