वन विभाग की सूझबूझ से पकड़ा गया तेंदुआ
रेंजर बोले- इलाके में और भी तेंदुए होने की आशंका ग्रामीण बरतें सावधानी

तिकुनियां-खीरी। इलाके के किसानों और पशुपालकों के लिए आखिरकार बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बनवीरपुर गांव और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से दहशत का पर्याय बने तेंदुए को वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में सुरक्षित पकड़ लिया गया है। इस सफल रेस्क्यू आॅपरेशन के बाद ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है।
बताया जा रहा है कि बीते 15 अक्टूबर को बनवीरपुर गांव में एक किसान के पशुबाड़े में अचानक एक तेंदुआ घुस आया था। तेंदुए ने वहां एक बछड़े का शिकार कर लिया था, जिसके बाद से ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। शाम होते ही ग्रामीण घरों में दुबकने को मजबूर थे और पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर चिंतित थे।
ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने तुरंत हरकत दिखाते हुए तेंदुए को पकड़ने के लिए विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पिंजरे स्थापित किए थे। वन विभाग की रणनीति आखिरकार गुरुवार सुबह करीब पांच बजे रंग लाई। रननगर में लगाए गए पिंजरे में एक बकरी को चारा के रूप में बांधा गया था। बकरी को अपना शिकार बनाने के लालच में तेंदुआ पिंजरे के अंदर जा पहुंचा और जैसे ही उसने अंदर कदम रखा, पिंजरे का दरवाजा बंद हो गया और वह सुरक्षित कैद हो गया। सुबह होते ही जब ग्रामीणों ने तेंदुए को पिंजरे में बंद देखा, तो तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना पर वन विभाग की टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची और पिंजरे को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रूप से रेंज मुख्यालय ले गई।
क्षेत्र के रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ अभी एक शावक है। उन्होंने आशंका जताई है कि इस इलाके में अन्य तेंदुए भी मौजूद हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय लोगों को अभी भी पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। रेंजर ने बताया कि उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही इस शावक को सुरक्षित जंगल में छोड़ने या अन्य उचित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया जाएगा। इस सफल कार्रवाई से वन विभाग की मुस्तैदी की सराहना हो रही है और ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताया है।



